लाशों पर राजनीति शुरू हो गई है ,जिम्मेदार कौन !!!!

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लाशों पर राजनीति शुरू हो चुकी है दोस्तो,बेशर्म प्रशासन और योगी शासन अपनी गलति मानने को तैयार नही,विपक्ष और मोदी विरोधी लामबद्द होने शुरू हो गये है,कान्ग्रेस अपने सांसदो को गोरखपुर भेज रही है तो सिसौदिया जी इसे भविष्य की हत्या बता रहे है,कोई बच्चो की लाशो पर वन्दे मातरम पर सवाल उठा रहा है तो कोई बच्चो की लाशो पर गाय को बच्चो से ज्यादा सुरक्षित बता रहा है|

पेमेन्ट का रोना लेकर योगी का इस्तीफा मांगने वाली कोई पार्टी 44 विधायकों को हफ्ते भर से ज्यादा आलीशान होटलों में ठहराती है तो कोई पार्टी जनमत ना मिलने पर भी विधायकों की खरीद फरोख्त से अपनी सरकार बनाने में मशगूल है, इधर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर संसदीय क्षेत्र सेे इस्तीफा देते है और दूसरी तरफ योगी का अस्पताल का दौरा करने के बाद उसी अस्पताल में विभत्स हादसा हो जाता है, कोई घटना की आड़ में योगी पर तंज कस रहा है तो कोई देश का प्रधान सेवक होने के बाद भी बलिया और गोरखपुर जैसे काण्ड पर खामोश है,कुछ लोग तो इतने उतावले पन पर है कि उन्हे योगी आदित्यनाथ से सीधे इस्तीफा चाहिये और कुछ बेशर्म लोग इतना बड़ा काण्ड होने पर भी पिछली सरकारोंं पर ठीकरा फोड़ रहे है,




कुल मिलाकर आंखे खोलकर देखा जाये तो ना किसी को बच्चों की परवाह है, और ना किसी को जनता की,कुछ को तत्काल प्रभाव से सरकार गिरानी है तो कुछ को सरकार का बचाव करना है, हर बार और हर सरकार की तरह ये सरकार भी मुआवजा देकर मुद्दे को टरका देगी और हर विपक्ष और हर बार की तरह ये विपक्ष भी इसे सरकार की नाकामी बताकर इस्तीफे की मांग करेगी, और सबसे कटु सत्य ये कि शाम तक अगर किसी प्रदेश का कोई नेता किसी भी प्रकार से आकस्मिक मृत्यु को प्राप्त हो गया तो शाम तक देश के लिए जरूरी मुद्दा भी बदल जायेगा.

और वो परिवार एसे ही रोते बिलखते रह जायेंगे दो दिन पहले ही Yogi Adityanath ने गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से इस्तीफा दिया है,और अब गोरखपुर में लोकसभा उपचुनाव होंगे,कान्ग्रेस ने टीम भेजनी शुरू कर दी है गोरखपुर में, जनता का योगी सरकार से मोहभंग हो चुका है, और गोरखपुर की जनता ने योगी को हराया है, ये सुनाने के लिए विपक्ष एड़ी चोटी का जोर लगा दे तो ताज्जुब मत किजियेगा, निंसंदेह जिस देश में सत्ता और राजनीति के लिए अपने ही पुत्र को ठिकाने लगाने की परम्परा हो, वहां दूसरे परिवार के बच्चों को मृत्यु शय्या देना कोई बड़ी बात नही होगी.
नोट- ये सिर्फ संदेह है, बच्चो की मौत के लिए योगी सरकार और प्रशासन दोनो पूर्ण रूप से जिम्मेदार है

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई 33 मौतों पर यूपी के स्वस्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष मौत पर राजनीति न करे.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद शनिवार को मीडिया से बातचीत में सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ये गंभीर मामला है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आरोप हम भी लगा सकते हैं, लेकिन हम स्थिति को काबू में करना चाहते हैं.




वहीँ चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी घटना पर पल-पल की नजर रखे हुए हैं. हम गोरखपुर जा रहे हैं. वहां जांच करेंगे और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे. इससे पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, प्रभारी गुलाम नबी आजाद और डॉ संजय सिंह ने बीआरडी कॉलेज का दुआर किया. उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों से स्थिति का जायजा भी लिया.

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