इसलिए बीवी से दूर और गर्लफ्रेंड के पास भागते हैं मर्द

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गर्लफ्रेंड और बीवी में कौन बेहतर है, यह एक बहस का मुद्दा हो सकता है। लेकिन एक आम राय है कि बीवी की तुलना में मर्दों को गर्लफ्रेंड ज्‍यादा पसंद आती हैं।




वैसे ये दोनों रिश्‍ते काफी अलग-अलग हैं इनकी तुलना तो नहीं हो सकती लेकिन कुछ वजह ऐसी हैं कि मर्दों को गर्लफ्रेंद लगती है बीवी से बेहतर।
मिल जाती है आजादी
आजादी आखिर किसको पसंद नहीं होती। घर पर बीवी हर बात पर रोक-टोक लगाती है, तो मर्दों को इससे बेहतर गर्लफ्रेंड ही लगती है। कम से कम वो पैरों में जंजीरें तो नहीं बांधती। मर्दों को गर्लफ्रेंड गले का फंदा नहीं बल्कि गले का हार लगती हैं।
नहीं होते हैं सवाल-जवाब
गर्लफ्रेंड को पल-पल का हिसाब नहीं देना पड़ता है वो अलग बात है कि लड़के अपनी मर्जी से उसके करीब जाने के लिए हर बात बताते रहें। लेकिन बीवी को ऑफिस से निकलते समय से लेकर घर तक आ जाने की हर एक मिनट की खबर देनी पड़ती है। तो भाई इससे बेहतर तो गर्लफ्रेंड ही है।

जासूसी नहीं होती

गर्लफ्रैंड, बहुत नजर नहीं रख पाती है क्‍योकि वो हमेशा साथ नहीं होती। लेकिन बीबी को अधिकार प्राप्‍त होते हैं कि वह आपके साथ रहें। ऐसे में आपकी सारी हरकतों पर उनकी ही नजरें रहती हैं।
परमीशन की आवश्‍यकता नहीं
गर्लफ्रेंड से हर बात की परमीशन नहीं मांगनी पड़ती है। लेकिन कोई मर्द शादीशुदा है तो उसे अपनी बीबी से हर बात पर परमीशन या सलाह लेना आवश्‍यक हो जाता है वरना वो गुस्‍सा हो जाती है।

दस्‍तावेजों की जरूरत नहीं

बिना शादी के ही आपको कोई पार्टनर मिलता है तो वो ज्‍यादा अच्‍छा है। बस यही सोचकर लड़कों को गर्लफ्रेंड ज्‍यादा पसंद आती हैं। उन्‍हें लगता है जब वो ज्‍यादा चिपकेगी तो उन्‍हें हटाकर कोई और गर्लफ्रेंड बनाना अच्‍छा विकल्‍प है। लेकिन बीबी में ऐसा करना लफड़े वाला काम है।
शारीरिक संबंध
तथ्‍य है कि लड़कों को अपने जीवनसाथी के बजाय बिना शादी के ही संबंध बनाने में ज्‍यादा मजा आता है। फिर भले ही वो सिर्फ उसी के होकर रहें लेकिन शादी के बाद मिजाज थोड़ा बदल जाता है।

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