ड्रैगन की खौफनाक साजिश का हुआ पर्दाफाश

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सिक्किम से सटे डोकलाम में भले ही करीब दो महीने से भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने डटी हैं, लेकिन इस तनाव के बीच भी पीएम नरेंद्र मोदी अगले महीने चीन के दौरे पर होंगे। खबरों की मानें तो बरसात के मौसम में लगातार पड़ोसी देश एक-दूसरे से नदियों में बढ़ते जलस्तर और बांधों से कितना पानी छोड़ा जा रहा है, इस बारे में आंकड़े सार्वजनिक किए जाते हैं, ताकि अगर बाढ़ जैसे हालात हों तो उससे निपटने की तैयारी की जा सके.
भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर विवाद गहरा होता जा रहा है. दोनों देशों की सेनाएं दो महीने से अधिक वक्त से डोकलाम में डटी हुई हैं. इस बीच चीन पानी के जरिये बड़ा हमला कर सकता है. इसका खुलासा आज विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार एक बयान में जाहिर हुआ. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कहा कि इस साल चीन की ओर से ब्रह्मपुत्र नदी में पानी के स्तर को कोई जानकारी नहीं दी गई है.

वैसे से उत्तरी भारतीय बाढ़ की चपेट में है. बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं. ऐसे में अगर चीन बिना बताए ब्रह्मपुत्र नदी में ज्यादा पानी छोड़ेगा तो इससे इन राज्यों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में स्थिति और भयावह हो सकती है.

दरअसल डोकलाम मुद्दे को लेकर चीन की ओर से लगातार भारत को युद्ध की धमकी मिल रही है. लेकिन चीन भारत पर सैन्य हमला किए बिना ही हमें बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है. चीन भारत पर सैन्य हमले की बजाय पानी के जरिए हमला कर सकता है. जिससे सिर्फ बॉर्डर पर नहीं बल्कि कई राज्यों में तबाही मच सकती है.

कैसे हमला करेगा चीन?

चीन की भौगोलिक स्थिति देखें तो वह भारत से ऊंचे स्थान पर है. वहीं चीन के पास कई बांध हैं. भारत में ऐसी कई बड़ी नदी हैं जो चीन से निकलकर भारत में आती हैं, जिनमें से ब्रह्मपुत्र नदी सबसे बड़ी नदी है. अगर चीन चाहे तो कुछ दिनों तक पानी बांध पर रोककर छोड़ सकता है जिससे भारत में तबाही का मंजर हो सकता है.

सिर्फ ब्रह्मपुत्र नदी ही नहीं बल्कि चीन से सतलुज नदी भी निकलती है. सतलुज नदी चीन के कब्जे वाले तिब्बत से निकलकर हिमाचल प्रदेश और पंजाब में आती है. वहीं तिब्बत से निकलकर सिंधु नदी लद्दाख से होते हुए निकलती है और अरब सागर में मिलती है. साफ है कि चीन के पास तीन ऐसी बड़ी नदी हैं जो भारत में तबाही का कारण बन सकती हैं.




किन राज्यों पर पड़ेगा सीधा असर

ब्रह्मपुत्र नदी – असम, अरुणाचल प्रदेश

सतलुज नदी – हिमाचल प्रदेश,

पंजाब सिंधु नदी – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख

गौरतलब है कि 2012 में भी इसी कारण पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति हो गई थी, जिससे काफी तबाही मची थी. उस दौरान पानी छोड़ने से पहले चीन ने भारत को किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी थी. डोकलाम के चलते बिगड़े हालातडोकलाम को लेकर चीन की उकसावे भरी धमकियां बदस्तूर जारी हैं.

डोकलाम का मुद्दा जिस तरह से भारत और चीन के बीच विवाद क विषय बन गया है उस सूरत में अगर ये कहा जाए कि पीएम मोदी चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे। अगर सच पूछिये तो चीन भी यही चाहता था कि पीएम मोदी चीन की यात्रा पर नहीं आएं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विदेश मंत्रालय की तरफ से ये जानकारी दी गई है कि पीएम मोदी सितंबर के पहले हफ्ते में चीन की यात्रा पर जाएंगे।

चीन में 3-5 सितंबर क बीच ब्रिक्स दशों का सम्मेलन होने जा रहा है। उस सम्मेलन में पीएम मोदी भी शामिल होने के लि जाएंगे। दरअसल चीन भे ये चाह रहा था कि पीएम मोदी ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में चीन ना आएं। इसमें चीन का बड़ा फायदा था। उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर ये कहना के मौका मिल जाता कि भारत दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। और वो डोकलाम में अपनी मनमर्जी से जबरन अपने सैनिकों को जमा किये हुए है। लेकिन चीन के हाथ से वो मौका पीएम मोदी ने छीन लिया।




विदेश मंत्रालय की तरफ से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि डोकलाम विवाद पर चीन से बात चल रही है। हाल ही में चीन की तरफ से एक वीडियो जारी कर भारत का मजाक उड़ाया गया था। उसपर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हर बात पर चर्चा करना जरुरी नहीं है। साथ उन्होंने ये भी कहा कि मीडिया में संवेदनशील मुद्दों पर बात करना जरुरी नहीं है।

पीएम के चीन जाने पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा इसपर हम सकारात्म रूख अपनाएंगे। हलांकि जब उनसे मोदी के चीन जाने की तारीख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा अभी इस बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती है।

भारत के इस कदम से चीन 1000 बार सोचेगा युद्ध करने से

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भारत-चीन के बीच डोकलाम सीमा विवाद को लेकर तनातनी लगातार बढ़ती चली जा रही है। इस बीच भारत के इस कदम से चीन बौखला सकता है।
मीडिया खबर मुताबिक, भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव में वियतनाम ने कथित तौर पर भारतीय ब्रह्मोस सुपरसोनिक एंटी शिप क्रूज मिसाइल खरीदी है। भारत द्वारा वियतनाम को ब्रह्मोस दिए जाने से चीन को मिर्ची लग सकती है। बता दें कि ब्रह्मोस दुनिया के सबसे उन्नत मिसाइलों में से एक माना जाता है और एेसा माना जा रहा है कि वियतनाम इस मिसाइल को चीन के खिलाफ समंदर में तैनात कर सकता है। यह काफी घातक मानी जाती है। इस मिसाइल की बिक्री के बारे में अभी भारत की ओर से कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है। वियतनाम को बेची गई मिसाइल का कितना मूल्य और कितनी मिसाइल प्रणाली सौदे में शामिल है, इस बारे में अभी कोई जानकारी हासिल नहीं हो पाई है।




भारत के सिक्किम के करीब भूटान के डोकलाम में भारतीय सैनिक और चीनी सैनिक पिछले महीनों से भी ज्यादा वक्त से नॉन कॉम्बैटिव मोड में आमने सामने डटे हुए हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार चला आ रहा है. ऐसे में रिपोर्टों के अनुसार वीयतनाम ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी हैं. यह सुपरसोनिक मिसाइल एंटी शिप क्रूज मिसाइल है और अपनी तरह के वेराइटी में यह काफी घातक मानी जाती है. इस मिसाइल बिक्री के बारे में भारत की ओर से कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है. यह भी अभी साफ नहीं हो पाया है कि आखिर कितनी मिसाइल बेची गई है और कितने रुपयों का सौदा हुआ है.




वीयतनाम के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ली थी हू हैंग ने कहा कि यह रक्षा खरीद वीयतनाम की शांति नीति और आत्मसुरक्षा के लिए है और यह राष्ट्रहित में उठाया गया सामान्य कदम है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों में सुरक्षा की दृष्टि से किए गए समझौते और रीजन में शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम है.यह पहली बार है कि जब वीयतनाम की ओर से दिल्ली से संपर्क पर अभी तक पहला कोई बयान आया है.
माना जा रहा है कि चीन इस प्रकार की रक्षा खरीद को वीयतनाम के उस अड़ियल रवैये से देखता है जिसके तहत वह दक्षिण चीन सागर में नए द्वीप पर अपने दावों को करता रहा है.

Best smartphones in the world

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1) Samsung Galaxy S8 Plus


Meet the Samsung Galaxy S8 Plus – the phone that’ll take your smartphone experience to the next level. The end-to-end Infinity Display of the Galaxy S8 Plus flows seamlessly into the aluminum shell, offering a smooth, curved surface without sharp angles. Boasting a top-notch security system featuring an Iris scanner, face recognition, fingerprint reader and more, the Galaxy S8 Plus keeps your private data safe from prying eyes.Its powerful 8 MP front camera and 12 MP rear camera further add to this smartphone’s appeal.Best smartphones in the world

Highlights :-
– 4 GB RAM | 64 GB ROM | Expandable Upto 256 GB
– 6.2 inch Quad HD+ Display
– 12MP Rear Camera | 8MP Front Camera
– 3500 mAh Battery
– 8895 Processor

Stunning Infinity Display :-
The end-to-end Infinity Display of the Galaxy S8 Plus enables an expanded screen size without the need for a larger phone.Since there’s no bezel, all you see is pure content on the 15.81 cm (6.2) screen. With an 18.5:9 display ratio, every detail will fit perfectly on the Quad HD+ screen, making your viewing experience more immersive than ever.
Price: $761.00

2)Apple iPhone 7 Plus


Description-With better cameras, long-lasting battery life, powerful processor and enhanced stereo speakers, the iPhone 7 Plus (PRODUCT) RED Special Edition takes your iPhone experience till date to the next level. Thanks to its vibrant display, sleek design and a water- and splash-resistant enclosure, this smartphone looks every bit as impressive as it is.

Highlights
– 5.5 inch Retina HD Display
– 12MP Rear Camera | 7MP Front Camera
– Li-Ion Battery
– A10 Fusion Chip with 64-bit Architecture and Embedded M10 Motion Co-processor Processor

Price: $750-950 for 32-256 GB Storage

3)HTC U11


Introducing Edge Sense: an innovation that allows you to interact with applications and your HTC U11 by a simple squeeze of the device, With a stunning 3D liquid glass surface, the highest DxOMarki ever awarded to a smartphone camera with our new UltraSpeed autofocus , the purest audio you can find with active noise cancellation, all wrapped in a beautiful water resistant package, HTC U11 sets a new standard of what you can expect from a
smartphone.

Highlights :-
– Highest rated camera: 12MP primary camera with highest DxOMark 90 score. Comes with UltraSpeed Autofocus, HDR Boost, OIS and RAW format support | 16MP front camera with UltraPixel mode
– 6GB RAM and 128 GB internal memory expandable up to 2TB in a hybrid slot
– 5.5 inches Super LCD 5 Quad HD (2560×1440) screen with 3D Corning Gorilla Glass 5 | Stunning liquid glass surface body with IP67 dust and water resistance
– Qualcomm Snapdragon 835 64 bit Octa-core processor (up to 2.45 GHz) | Android Nougat v7.1.1
– 3000 mAh lithium-ion battery | Dual nano sim with dual standby (4G+4G)
– Intelligent uSonic earphones with active noise cancellation to customize the audio based on your inner ear structure
Price- $649.00

4)Sony Xperia XZ Premium


The Xperia XZ Premium features the new Motion Eye – a camera so advanced it captures motion that the human eye can’t see.And with its unified design, astonishing 4K HDR display and intelligent features, it’s our most groundbreaking smartphone to date.

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Highlights :-
– 19MP primary Motion Eye Camera with 960 FPS super slow motion video recording and predictive capture,
with Triple Image sensor and Predictive Hybrid autofocus, 0.5 sec quick launch and capture, anti-distortion shutter,HDR photo, X8 digital zoom, steady shot with intelligent active mode (5-axis stabilization), 4k recording and 13MP front facing camera
– Xperia XZ Premium is the world’s First Smartphone with 4K HDR Display. The 5.5″ 4K HDR 3840 x 2160 pixels resolution screen that let’s you enjoy best colours, clarity and contrast in 4K , get the finest picture with most immersive experience,Corning Gorilla Glass 5 protected on both sides with IP65/68 water resistant.
– Android 7.1 Nougat operating system with 4GB RAM and 64 GB Internal Memory expanadable upto 256GB, Powered by
Qualcomm Snapdragon 835 Processor which integrates Gigabit-class connectivity with the X16 modem, and delivers
stunning graphics, industry-leading performance, and enhanced battery efficiency. You can enjoy up to 1Gbps of
download speed and up to 150 Mbps of Upload Speed. Dual SIM (nano+nano) dual-standby (4G+4G),VoLTE (4G) Cat 16, VoLTE, ViLTE and VoWiFi.
– 3230mAH lithium-ion battery with Qnovo Adaptive Charging ,STAMINA mode, Quick Charging 3.0, Smart Battery care for Adaptive charging which learns from users charging habits to optimize battery health. Also get a bundled Quick charger I the box.
Price- $799

5)Google Pixel XL 128GB


Your own Google Assistant Ask it questions. Tell it to do things. To start, just say ‘OK Google’, or touch and hold the Home button.And the more you use it, the more useful it gets. It is your own personal Google, always ready to help.

Highlights :-
– 4 GB RAM | 128 GB ROM |
– 5.5 inch Quad HD Display
– 12.3MP Rear Camera | 8MP Front Camera
– 3450 mAh Battery
– Qualcomm Snapdragon 821 64-bit Processor
– Android 7.1 (Nougat)
– 2.4 GHz quad-core processor
Price- $1,199

6)moto Z FORCE DROID


Your phone becomes a movie projector, a boombox, a battery powerhouse, and more. In a snap.

Highlights :-
– memory (RAM) 4GB LPDDR4
– storage (ROM) 32GB/64GB UFS, microSD Card support (up to 2 TB)
– Android N + Daydream by Google
– Will receive an upgrade to Android 7.0 Nougat, and then it’s ready for Daydream by Google virtual reality experiences.
– next generation moto shattershield display
-5.5 Quad HD display, guaranteed not to crack or shatter.²
– 21 MP camera
Capture clearer pics with laser autofocus and optical image stabilization.
– up to 40-hour battery + turbopower charging
Price- 720$ onwards

7)Huawei Mate 9


Integrated with Alexa voice service. Just tap and ask Alexa, to enjoy thousands of skills on the go, such as hearing the latest news, weather and traffic reports, check Sport scores, and much more.

Highlights :-
– Primary camera Dual 20 MP +12 MP, f/2.2, 27mm, OIS, 2x lossless zoom, Leica optics, phase detection & laser autofocus, dual-LED (dual tone) flash,
– Secondary camera 8 MP, f/1.9, 26mm, 1080p
– OS Android 7.0 (Nougat)
– CPU Octa-core (4×2.4 GHz Cortex-A73 & 4×1.8 GHz Cortex-A53)
– Enjoy revolutionary two-day battery life with a large 4000Mah battery and smart power-saving technology.
Huawei supercharge technology safely charges the Device for a full day’s power in 20 minutes.
– Second-generation Leica Dual Camera with a 12MP RGB sensor and 20MP monochrome sensor renders images in unprecedented detail for exceptional results that take you from mere photography to artistry.
– 5.9 inch screen with 3-months Complimentary screen protection. Dual SIM (Primary Nano SIM + Micro SD,
and secondary Nano SIM slot) to support 1334 carriers in 217 countries and Regions.
– Four noise-cancelling microphones with directional audio capture eliminate background noise and improve call quality.No support for Wi-Fi calling.
– Memory- 64 GB, 4 GB RAM
Price: $492

8) LG G6 LGH870DS (Ice Platinum)


Highlights :-
– 13MP primary camera and 5MP front facing camera, wide angle dual camera with square camera mode and SNS
(Social Network) Quick Access
– 18:9 Display: 14.47 centimeters (5.7-inch) FullVision display with 2880 x 1440 pixels resolution, Dolby Vision and HDR10
– Android v7.0 Nougat operating system with 2.35GHz Qualcomm Snapdragon 821 quad core processor, 4GB RAM, 64GB internal memory expandable up to 2TB and Dual SIM (Nano-SIM, Dual Stand-By)
– 3300mAH lithium-ion battery providing talk-time of 14 hours and standby time of 136 hours
– Water and dust resistant (IP68)
– RAM 4 GB, Storage- 64GB

Price- $445

9)BLACKBERRY KEYONE


Enjoy the convenience and functionality of Android 7.1 Nougat. Get access to over one million apps in the Google Play store, including BlackBerry Hub which brings all your messages into one consolidated place; including emails, texts and messages from any social media account.

Highlights :-
– 12MP large pixel 1.55 um primary camera with 6-elements lens, f/2.0 aperture, PDAF, high dynamic range (HDR), panorama, 1080p full HD video recording and 8MP Wide Angle front facing camera
– 11.37 centimeters (4.5-inch) FHD IPS LCD screen with 1620 x 1080 pixels resolution and 434 ppi pixel density, Gorilla Glass 4
– Android v7.1 Nougat, 2.0GHz 64 Bit Qualcomm Snapdragon 625 octa core processor
– 4GB RAM, 64GB internal memory expandable up to 2TB, dual nano SIM (4G +4G), OTG and NFC support
– 3505mAh battery with Qualcomm Quick Charge 3.0 (up to 50 percent charge in around 36 minutes)
– Touch-enabled 35 key backlit physical keyboard (QWERTY) with space-Bar integrated finger print sensor
Price- 600$ onwards

10)OnePlus 5 (Midnight Black 8GB RAM + 128GB memory)

-The OnePlus 5 features the highest resolution dual camera on the planet. Photos are incredibly clear,so don’t be afraid to zoom in.

Highlights :-
– FDD LTE: Band 1/2/3/4/5/7/8/12/17/18/19/20/25/26/28/29/30/66 TDD LTE: Band 38/39/40/41 TD-SCDMA: Band 34/39 UMTS(WCDMA): Band 1/2/4/5/8 CDMA EVDO: BC0 GSM: 850/900/1800/1900 MHz
– Snapdragon 835
– 1080p screen, 5.5 inch
– Dual camera
– Dash charge
Price: $729.99

जब दिग्विजय ने पत्नी अमृता की महल में ली फोटो तो लोगो ने उडा दिया मजाक

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जब दिग्विजय ने पत्नी अमृता की महल में ली फोटो तो लोगो ने उदा दिया मजाक लोगो ने जाने क्या क्या कह डाला कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ गुरुवार को मांडू के जहाज महल और रानी रूपमति महल का विजिट किया।
इस दौरान उन्होंने पत्नी अमृता की तस्वीरें लीं। यहां आने के पहले नर्मदा बचाव आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर से मिलने जेल भी गए। दरअसल, दिग्विजय बुधवार और गुरुवार दो दिन के लिए धार के दौरे पर रहे। इस दौरान कांग्रेस के कट्टर विरोधी गुट बालमुकुंदसिंह गौतम और मोहनसिंह बुंदेला दोनों से उनके चर्चा करने और गौतम व बुंदेला का एक-दूसरे के प्रति व्यवहार बदला देख राजनीतिक गलियारों में कयास शुरू हो गए हैं कि दिग्विजयसिंह ने समझौता तो नहीं करवा दिया।दिग्विजयसिंह के दोनों गुटों से समझौते के प्रयास करने की चर्चाओं को भी खयाली बताया। बुधवार को मेधा पाटकर से जेल में मुलाकात के लिए जाते समय दिग्विजयसिंह इंदौर नाके पर गौतम समर्थकों से मिले। बुंदेला समर्थकों के घोड़ा चौपाटी पर इंतजार में खड़े होने और गौतम समेत उनके समर्थकों के दिग्विजयसिंह के साथ कार में होने से अंदेशा था कि घोड़ा चौपाटी से न आते हुए उन्हें बायपास से जेल तक ले जाया जाएगा लेकिन घोड़ा चौपाटी से गए। यहां रुक कर बुंदेला समेत उनके समर्थकों ने स्वागत किया। बुधवार रात में ही मांडू में बुंदेला की होटल जहाज महल पर दिग्विजयसिंह पहुंचे।





इस दौरान गौतम भी उनके साथ होटल तक गए। भवन में नहीं गए लेकिन परिसर में समर्थकों के साथ पूरे समय रहे। पिछले निकाय चुनावों में गौतम व बुंदेला में सीटों का बंटवारा नहीं होने से कांग्रेस का जनाधार बंट गया और भाजपा सत्ता में आती रही।




जानकार मान रहे हैं कि दोनों नेताओं में सीटों का बंटवारा हो जाए और दूसरे के क्षेत्र में दोनों गुट हस्तक्षेप न करे तो कांग्रेस जीत के रास्ते लौट सकती है। यही विश्लेषण कांग्रेस आलाकमान को भी भेजा गया है। दिग्विजय सिंह अपने परिवार के साथ मांडू घूमने और मेधा पाटकरजी से मिलने आए थे। वे हमारे साथी रहे हैं, हमारा फर्ज है, इसलिए धार में स्वागत किया और मांडू में होटल पर आमंत्रित किया। दिग्विजयसिंह के साथ गौतम आ गए। समझौता तो संभव ही नहीं है। – मोहनसिंह बुंदेला, पूर्व विधायक धार

आज महान योद्धा बाज़ीराव पेसवॉ का जन्मदिन है कहानी वो नहीं है जिसमे संजय लीला भंसाली ने केवल आशिक बता डाला है ,, ये है बाजीराव की सच्ची कहानी जो कभी नहीं बताया गया

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बाजीराव पहला ऐसा योद्धा था, जिसके समय में 70 से 80 फीसदी भारत पर उसका सिक्का चलता था। वो अकेला ऐसा राजा था जिसने मुगल ताकत को दिल्ली और उसके आसपास तक समेट दिया था। पूना शहर को कस्बे से महानगर में तब्दील करने वाला बाजीराव बल्लाल भट्ट था, सतारा से लाकर कई अमीर परिवार वहां बसाए गए। निजाम, बंगश से लेकर मुगलों और पुर्तगालियों तक को कई कई बार शिकस्त देने वाली अकेली ताकत थी बाजीराव की। शिवाजी के नाती शाहूजी महाराज को गद्दी पर बैठाकर बिना उसे चुनौती दिए, पूरे देश में उनकी ताकत का लोहा मनवाया था बाजीराव ने। आज भले ही नई पीढ़ी के सामने उसे भंसाली की फिल्म के जरिए हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल के तौर पर पेश किया गया हो, लेकिन ये कौन बताएगा कि देश में पहली बार हिंदू पद पादशाही का सिद्धांत भी बाजीराव प्रथम ने दिया था। हर हिंदू राजा के लिए आधी रात मदद करने को तैयार था वो, पूरे देश का बादशाह एक हिंदू हो, उसके जीवन का लक्ष्य ये था, लेकिन जनता किसी भी धर्म को मानती हो उसके साथ वो न्याय करता था। उसकी अपनी फौज में कई अहम पदों पर मुस्लिम सिपहसालार थे, लेकिन वो युद्ध से पहले हर हर महादेव का नारा भी लगाना नहीं भूलता था। उसे टैलेंट की इस कदर पहचान थी कि उसके सिपहसालार बाद में मराठा इतिहास की बड़ी ताकत के तौर पर उभरे। होल्कर, सिंधिया, पवार, शिंदे, गायकवाड़ जैसी ताकतें जो बाद में अस्तित्व में आईं, वो सब पेशवा बाजीराव बल्लाल भट्ट की देन थीं।




ग्वालियर, इंदौर, पूना और बड़ौदा जैसी ताकतवर रियासतें बाजीराव के चलते ही अस्तित्व में आईं। बुंदेलखंड की रियासत बाजीराव के दम पर जिंदा थी, छत्रसाल की मौत के बाद उसका तिहाई हिस्सा भी बाजीराव को मिला। कभी वाराणसी जाएंगे तो उसके नाम का एक घाट पाएंगे, जो खुद बाजीराव ने 1735 में बनवाया था, दिल्ली के बिरला मंदिर में जाएंगे तो उसकी एक मूर्ति पाएंगे। कच्छ में जाएंगे तो उसका बनाया आइना महल पाएंगे, पूना में मस्तानी महल और शनिवार बाड़ा पाएंगे। अकबर की तरह उसको वक्त नहीं मिला, कम उम्र में चल बसा, नहीं तो भव्य इमारतें बनाने का उसको भी शौक था, शायद तभी आज की पीढ़ी उसको याद नहीं करती। नहीं तो अकबर के अलावा कोई और मुगल बादशाह नहीं था, जिससे उनकी तुलना बतौर योद्धा, न्यायप्रिय राजा और बेहतर प्रशासक के तौर पर की जा सके।
दिल्ली पर आक्रमण उसका सबसे बड़ा साहसिक कदम था, वो अक्सर शिवाजी के नाती छत्रपति शाहू से कहता था कि मुगल साम्राज्य की जड़ों यानी दिल्ली पर आक्रमण किए बिना मराठों की ताकत को बुलंदी पर पहुंचाना मुमकिन नहीं, और दिल्ली को तो मैं कभी भी कदमों पर झुका दूंगा। छत्रपति शाहू सात साल की उम्र से 25 साल की उम्र तक मुगलों की कैद में रहे थे, वो मुगलों की ताकत को बखूबी जानते थे, लेकिन बाजीराव का जोश उस पर भारी पड़ जाता था। धीरे धीरे उसने महाराष्ट्र को ही नहीं पूरे पश्चिम भारत को मुगल आधिपत्य से मुक्त कर दिया। फिर उसने दक्कन का रुख किया, निजाम जो मुगल बादशाह से बगावत कर चुका था, एक बड़ी ताकत था। कम सेना होने के बावजूद बाजीराव ने उसे कई युद्धों में हराया और कई शर्तें थोपने के साथ उसे अपने प्रभाव में लिया।
इधर उसने बुंदेलखंड में मुगल सिपाहसालार मोहम्मद बंगश को हराया। मुगल असहाय थे, कई बार पेशवा से मात खा चुके थे, पेशवा का हौसला इससे बढ़ता गया। 1728 से 1735 के बीच पेशवा ने कई जंगें लड़ीं, पूरा मालवा और गुजरात उसके कब्जे में आ गया। बंगश, निजाम जैसे कई बड़े सिपहसालार पस्त हो चुके थे।




इधर दिल्ली का दरबार ताकतवर सैयद बंधुओं को ठिकाने लगा चुका था, निजाम पहले ही विद्रोही हो चुका था। उस पर औरंगजेब के वंशज और 12 वें मुगल बादशाह मोहम्मद शाह को रंगीला कहा जाता था, जो कवियों जैसी तबियत का था। जंग लड़ने की उसकी आदत में जंग लगा हुआ था। कई मुगल सिपाहसालार विद्रोह कर रहे थे। उसने बंगश को हटाकर जय सिंह को भेजा, जिसने बाजीराव से हारने के बाद उसको मालवा से चौथ वसूलने का अधिकार दिलवा दिया। मुगल बादशाह ने बाजीराव को डिप्टी गर्वनर भी बनवा दिया। लेकिन बाजीराव का बचपन का सपना मुगल बादशाह को अपनी ताकत का परिचय करवाने का था, वो एक प्रांत का डिप्टी गर्वनर बनके या बंगश और निजाम जैसे सिपहासालारों को हराने से कैसे पूरा होता।
उसने 12 नवंबर 1736 को पुणे से दिल्ली मार्च शुरू किया। मुगल बादशाह ने आगरा के गर्वनर सादात खां को उससे निपटने का जिम्मा सौंपा। मल्हार राव होल्कर और पिलाजी जाधव की सेना यमुना पार कर के दोआब में आ गई। मराठों से खौफ में था सादात खां, उसने डेढ़ लाख की सेना जुटा ली। मराठों के पास तो कभी भी एक मोर्चे पर इतनी सेना नहीं रही थी। लेकिन उनकी रणनीति बहुत दिलचस्प थी। इधर मल्हार राव होल्कर ने रणनीति पर अमल किया और मैदान छोड़ दिया। सादात खां ने डींगें मारते हुआ अपनी जीत का सारा विवरण मुगल बादशाह को पहुंचा दिया और खुद मथुरा की तरफ चला आया।
बाजीराव को पता था कि इतिहास क्या लिखेगा उसके बारे में। उसने सादात खां और मुगल दरबार को सबक सिखाने की सोची। उस वक्त देश में कोई भी ऐसी ताकत नहीं थी, जो सीधे दिल्ली पर आक्रमण करने का ख्वाब भी दिल में ला सके। मुगलों का और खासकर दिल्ली दरबार का खौफ सबके सिर चढ़ कर बोलता था। लेकिन बाजीराव को पता था कि ये खौफ तभी हटेगा जब मुगलों की जड़ यानी दिल्ली पर हमला होगा। सारी मुगल सेना आगरा मथुरा में अटक गई और बाजीराव दिल्ली तक चढ़ आया, आज जहां तालकटोरा स्टेडियम है, वहां बाजीराव ने डेरा डाल दिया। दस दिन की दूरी बाजीराव ने केवल पांच सौ घोड़ों के साथ 48 घंटे में पूरी की, बिना रुके, बिना थके। देश के इतिहास में ये अब तक दो आक्रमण ही सबसे तेज माने गए हैं, एक अकबर का फतेहपुर से गुजरात के विद्रोह को दबाने के लिए नौ दिन के अंदर वापस गुजरात जाकर हमला करना और दूसरा बाजीराव का दिल्ली पर हमला। बाजीराव ने तालकटोरा में अपनी सेना का कैंप डाल दिया, केवल पांच सौ घोड़े थे उसके पास। मुगल बादशाह मौहम्मद शाह रंगीला बाजीराव को लाल किले के इतना करीब देखकर घबरा गया। उसने खुद को लाल किले के सुरक्षित इलाके में कैद कर लिया और मीर हसन कोका की अगुआई में आठ से दस हजार सैनिकों की टोली बाजीराव से निपटने के लिए भेजी। बाजीराव के पांच सौ लड़ाकों ने उस सेना को बुरी तरह शिकस्त दी। ये 28 मार्च 1737 का दिन था, मराठा ताकत के लिए सबसे बड़ा दिन। कितना आसान था बाजीराव के लिए, लाल किले में घुसकर दिल्ली पर कब्जा कर लेना। लेकिन बाजीराव की जान तो पुणे में बसती थी, महाराष्ट्र में बसती थी। वो तीन दिन तक वहीं रुका, एक बार तो मुगल बादशाह ने योजना बना ली कि लाल किले के गुप्त रास्ते से भागकर अवध चला जाए। लेकिन बाजीराव बस मुगलों को अपनी ताकत का अहसास दिलाना चाहता था। वो तीन दिन तक वहीं डेरा डाले रहा, पूरी दिल्ली एक तरह से मराठों के रहमोकरम पर थी। उसके बाद बाजीराव वापस लौट गया। बुरी तरह बेइज्जत हुआ मुगल बादशाह रंगीला ने निजाम से मदद मांगी, वो पुराना मुगल वफादार था, मुगल हुकूमत की इज्जत को बिखरते नहीं देख पाया। वो दक्कन से निकल पड़ा। इधर से बाजीराव और उधर से निजाम दोनों एमपी के सिरोंजी में मिले। लेकिन कई बार बाजीराव से पिट चुके निजाम ने उसको केवल इतना बताया कि वो मुगल बादशाह से मिलने जा रहा है। निजाम दिल्ली आया, कई मुगल सिपहसालारों ने हाथ मिलाया और बाजीराव को बेइज्जती करने का दंड देने का संकल्प लिया और कूच कर दिया। लेकिन बाजीराव बल्लाल भट्ट से बड़ा कोई दूरदर्शी योद्धा उस काल खंड में पैदा नहीं हुआ था। ये बात साबित भी हुई, बाजीराव खतरा भांप चुका था। अपने भाई चिमना जी अप्पा के साथ दस हजार सैनिकों को दक्कन की सुरक्षा का भार देकर वो अस्सी हजार सैनिकों के साथ फिर दिल्ली की तरफ निकल पड़ा। इस बार मुगलों को निर्णायक युद्ध में हराने का इरादा था, ताकि फिर सिर ना उठा सकें।
दिल्ली से निजाम के अगुआई में मुगलों की विशाल सेना और दक्कन से बाजीराव की अगुआई में मराठा सेना निकल पड़ी। दोनों सेनाएं भोपाल में मिलीं, 24 दिसंबर 1737 का दिन मराठा सेना ने मुगलों को जबरदस्त तरीके से हराया। निजाम की समस्या ये थी कि वो अपनी जान बचाने के चक्कर में जल्द संधि करने के लिए तैयार हो जाता था। इस बार 7 जनवरी 1738 को ये संधि दोराहा में हुई। मालवा मराठों को सौंप दिया गया और मुगलों ने पचास लाख रुपये बतौर हर्जाना बाजीराव को सौंपे। चूंकि निजाम हर बार संधि तोड़ता था, सो बाजीराव ने इस बार निजाम को मजबूर किया कि वो कुरान की कसम खाकर संधि की शर्तें दोहराए। ये मुगलों की अब तक की सबसे बड़ी हार थी और मराठों की सबसे बड़ी जीत। पेशवा बाजीराव बल्लाल भट्ट यहीं नहीं रुका, अगला अभियान उसका पुर्तगालियों के खिलाफ था। कई युद्दों में उन्हें हराकर उनको अपनी सत्ता मानने पर उसने मजबूर किया। अगर पेशवा कम उम्र में ना चल बसता, तो ना अहमद शाह अब्दाली या नादिर शाह हावी हो पाते और ना ही अंग्रेज और पुर्तगालियों जैसी पश्चिमी ताकतें। बाजीराव का केवल चालीस साल की उम्र में इस दुनिया से चले जाना मराठों के लिए ही नहीं देश की बाकी पीढ़ियों के लिए भी दर्दनाक भविष्य लेकर आया। अगले दो सौ साल गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहा भारत और कोई भी ऐसा योद्धा नहीं हुआ, जो पूरे देश को एक सूत्र में बांध पाता। आज की पीढ़ी को बाजीराव बल्लाल भट्ट की जिंदगी का ये पहलू भी जानने की जरूरत है।

घोर मोदी विरोधी स्वरा भास्कर ने फिर ट्विटर पर हिन्दू मुस्लिमो को लेकर मचाया कोहराम और अब ……..

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कोई जाकर स्वरा भास्कर को बताये की कितनी हिन्दू लड़कियों को इसका शिकार बनाया गया है , अरे आपको अभिब्यक्ति की आजादी है जाइये और करिये शादी किसने रोका है




बॉलीवुड अभिनेत्री स्‍वरा भास्‍कर एक बार फि‍र से चर्चा में हैं. स्वरा ने ‘न्यू इंडिया’ और एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल को लेकर अपना गुस्‍सा जाहिर किया है. मामला जुड़ा है केरल के चर्चित लव जेहाद मामले से. स्वरा ने कहा है कि इस ‘न्यू इंडिया’ में हिंदू लड़की मुस्लिम लड़के से प्यार नहीं कर सकती है वर्ना टीवी वाले उसका स्टिंग ऑपरेशन कर उसे लव जिहाद साबित करवा देंगे और लोग उसे मान भी लेंगे. स्वरा का ये बयान चैनल की उस खबर के बाद आया जिसमें दिखाया गया था कि केरल में हिन्दू लड़की के धर्म परिवर्तन के बाद मुस्लिम लड़के से विवाह का यह अकेला मामला नहीं है.
केरल उच्च न्यायलाय ने मामले को ‘लव जिहाद’बताते हुए विवाह को रद्द कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय जांच एजेन्सी शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आर वी रवीन्द्रन की निगरानी में इस मामले की जांच करे. स्वरा ने इसी मामले में ट्वीट करते हुए चुटकी ली है.





हालांकि स्वरा भास्कर के इस ट्वीट पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं. कुछ लोगों ने उनके साथ सहमति जताते हुए लिखा कि इस देश में कौन किसके साथ प्‍यार करेगा ये भी ऐसे ही लोग तय करेंगे क्या. लेकिन वहीं कुछ यूजर्स ऐसे भी थे, जिन्‍होंने स्‍वरा से असहमति जताई. कई लोगों ने इस मामले में लिखा कि अगर हिंदू लड़कियों को मुसलमान बनाकर ISIS को बेच दिया जाए तब क्या होगा. एक यूजर्स ने लिखा, मैडम आप इस मुद्दे पर तो बोल रही हैं, लेकिन निकाह और हलाला पर क्‍या कहेंगीं.


फर्जी फोटो पोस्ट कर माहौल बना रही थीं अलका लांबा, चैनल के एडिटर ने किया खुलासा तो…

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अलका लम्बा की करतूते बता रही है की दिल्ली में काम हो रहा है या केवल फोटोशॉप करके लोगो को बेवकूफ बनाने का काम किया जा रहा है, ये तो आप जानते ही होंगे की वोट डालने वाले कम पढ़े लिखे एवं कम जानकारी वाले होते है भला वो क्या जाने क्या होता है फोटोशॉप वो तो जैसा देखेंगे वैसा ही मानेंगे




आम आदमी पार्टी (आप) से विधायक अलका लांबा ने सोशल मीडिया पर एक फर्जी खबर पोस्ट कर दी थी, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट भी कर दिया। दरअसल, अलका लांबा ने एक तस्वीर पोस्ट की थी उस फोटो में दावा किया जा रहा था कि बवाना उप चुनाव सीट पर आप पार्टी के उम्मीदवार रामचंद्र 48 प्रतिशत वोटों के साथ लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। सर्वे में भाजपा के उम्मीदवार वेद प्रकाश को 23 प्रतिशत वोटों के साथ सबसे पीछे दिखाया गया था। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार 29 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे। अलका लांबा ने इस फोटो को पोस्ट करते हुए ट्विटर पर लिखा था कि बवाना की जनता राम के नाम पर बीजेपी को नहीं आप को वोट दे रही है। यहां अलका लांबा रामचंद्र का जिक्र कर रही थीं। लेकिन यह फोटो फर्जी निकला।




एबीपी न्यूज की तरफ से खुद इसकी पुष्टि की गई है। एक शख्स ने एबीपी ने एडिटर मिलिंद खांडेलकर से पूछा था कि एबीपी ने किस एजेंसी का सर्वे दिखाया है। इसपर मिलिंद ने ट्विट कर जानकारी दी कि एबीपी ने दिल्ली उप चुनाव के लिए ऐसा कोई सर्वे नहीं करवाया है। मिलिंद ने इस तस्वीर को फोटोशॉप किया हुआ बताया।
इसके बाद अलका लांबा ने ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन लोगों ने अलका का पीछा नहीं छोड़ा। एक पत्रकार ने कहा कि अलका और आप पार्टी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। कई लोगों ने इसको चुनाव अचार संहिता का उल्लंघन भी बताया।
अलका लांबा ने यह फोटो पोस्ट की थी

अलका लांबा के लिए ऐसे ट्वीट आए

अगर भारत और चीन का युद्ध हुआ तो ये देश देंगे चीन का साथ

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डोकलाम इलाके को लेकर चीन के साथ चल रहे विवाद में जापान ने भारत को समर्थन दिया है। जापान ने कहा है कि सेना की ताकत के बल पर स्थिति को बदला नहीं जा सकता है। जापान का यह बयान चीन और भारत के बीच पिछले दो महीनों से चल रही तनातनी के बाद आया है।

पाकिस्तान –

पिछले कुछ समय से चीन और पाकिस्तान के बीच दोस्ती पनप रही है. वन बेल्ट वन रोड के जरिए चीन पाकिस्तान में काफी बड़ी मात्रा में निवेश कर रहा है. चीन ने कई आतंकवादियों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित होने से बचाने के लिए अपने वीटो का सहारा लिया है. इस सबसे साफ है कि पाकिस्तान हर मोर्चे पर चीन के साथ ही जाएगा. भारत और पाकिस्तान के रिश्ते वैसे भी अच्छे नहीं रहे हैं, हाल ही में चीन ने कश्मीर के मसले में भी दखल देने की धमकी दी थी.




नॉर्थ कोरिया –

पिछले काफी समय से पूरी दुनिया की नाक में दम करने वाला नॉर्थ कोरिया चीन का करीबी है. एक ओर अमेरिका जब लगातार नॉर्थ कोरिया को चेतावनी दे रहा है, तब चीन ने इस मुद्दे पर अमेरिका को शांति बरतने को कहा था. चीन ने लगातार नॉर्थ कोरिया को लेकर नरम रुख अपनाया है.

किस करवट बैठेगा रूस?

भारत का करीबी दोस्त माना जाने वाला रूस इस युद्ध में किस करवट बैठेगा, ये अभी साफ नहीं है. डोकलाम के विवाद पर अभी रूस की ओर से कोई बड़ा बयान नहीं आया है. हालांकि अगर इतिहास पर नजर डालें तो रूस ने हमेशा ही भारत का साथ दिया है. लेकिन रूस की इतने बड़े मुद्दे पर चुप्पी भारत के लिए संशय बढ़ाती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो अबे की दोस्ती का असर यहां पर भी दिखा है. जापान ने खुले तौर पर भारत का साथ दिया है. जापान के राजदूत केंजी हीरामत्सू ने आजतक से बातचीत में कहा, ‘डोकलाम को लेकर पिछले करीब दो महीनों से तनातनी जारी है. हमारा मानना है कि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकता है, ऐसे में हम इस पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, चीन और भूटान के बीच इस क्षेत्र को लेकर विवाद है. जहां तक भारत की भूमिका की बात है, तो हम मानते हैं कि वह भूटान के साथ अपने द्विपक्षीय समझौते के आधार पर ही इस मामले में दखल दे रहा है.

ऑस्ट्रेलिया –

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप हाल ही में भारत दौरे पर आईं थी. उन्होंने यहां पर साफ तौर पर कहा था कि चीन को डोकलाम विवाद पर संयम बरतना चाहिए, और भारत से बात करनी चाहिए. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी चीन सागर को लेकर चीन की दादागिरी को लेकर भी चेतावनी जारी कर चुका है. इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया ने चीन की सैन्य महत्वकांशाओं का विरोध किया था.

वियतनाम –

पीएम मोदी ने 2016 में वियतनाम की यात्रा की थी, तभी से लेकर ही दोनों देशों के बीच में संबंधों में मजबूती आई है. दक्षिणी चीन सागर में विवाद को लेकर वियतनाम की चीन से हमेशा ही ठनी रही है, इसके अलावा भारत ने उसकी लगातार मदद की है. भारत वियतनाम को आकाश मिसाइल देने पर भी विचार कर रहा है, वहीं सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों भी प्रशिक्षण देगा.




यूरोपीय देश भी आ सकते हैं साथ –

यूरोप के कुछ ताकतवर देश जैसे फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन भी चीन के मुद्दे पर भारत के साथ आ सकते हैं. भारत के इन सभी देशों से रिश्ते काफी अच्छे रहे हैं, वहीं कई मुद्दों पर इन देशों ने भारत का साथ दिया है. सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन सभी देशों ने भारत का स्थाई सीट के लिए साथ दिया है, वहीं चीन भारत के खिलाफ रहा है.

ब्रेकिंग : डोकलाम विवाद पर भारत के साथ आया जापान , चीन को कह दी ये बड़ी बात

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डोकलाम पर चल रही तनातनी के बीच भारत को दुनिया के एक बड़े देश का समर्थन मिला है. चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव के बीच जापान ने कहा है कि किसी को भी स्टेटस क्युओ (यथास्थिति) को जबरन बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. डोकलाम क्षेत्र में चीन ने सड़क बनाने का प्रयास कर भारत-भूटान के साथ हुई संधि का उल्लंघन किया है. इसके बाद से ही भारत-चीन के रिश्ते तनावपूर्ण दौर में है. अब जापान का बयान भारत के लिए एक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. डोकलाम में चीन की विकास परियोजनाएं भारतीय सीमा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं.




जापान के राजदूत केंजी हीरामत्सू ने आजतक से बातचीत में कहा, ‘डोकलाम को लेकर पिछले करीब दो महीनों से तनातनी जारी है. हमारा मानना है कि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकता है, ऐसे में हम इस पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, चीन और भूटान के बीच इस क्षेत्र को लेकर विवाद है और दोनों ही देश इसे विवादित क्षेत्र ही मानते हैं. विवादित क्षेत्रों में यह महत्वपू्र्ण हो जाता है कि इसमें शामिल किसी भी पक्ष को जमीन पर यथास्थिति बदलने के लिए एकतरफा सैन्य इस्तेमाल से बचना चाहिए और शांतिपूर्ण ढंग से विवाद सुलझाना चाहिए.

हीरामत्सू कहते हैं, ‘जहां तक भारत की भूमिका की बात है, तो हम मानते हैं कि वह भूटान के साथ अपने द्विपक्षीय समझौते के आधार पर ही इस मामले में दखल दे रहा है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी साफ किया है कि भारत कूटनीतिक चैनलों के जरिये बातचीत से इस विवाद के ऐसे हल की कोशिश करता रहेगा, जो दोनों पक्ष को स्वीकार्य हो. हमारा मानना है कि किसी विवाद के शांतिपूर्ण हल के लिए यह रवैया महत्वपूर्ण है.

बता दें कि डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले करीब दो महीनों से तनातनी जारी है. डोकलाम क्षेत्र सिक्किम के पास भारत-चीन-भूटान ट्राइजंक्शन पर स्थित है. यह इलाका भूटान की सीमा में पड़ता है, लेकिन चीन इसे डोंगलोंग प्रांत बताते हुए अपना दावा करता है.

चीन ने इस साल जून में जब डोकलाम के पास सड़क बनाने की कोशिशें शुरू कीं, तो भारतीय सैनिकों ने दखल देते हुए उनका काम रुकवा दिया. दरअसल भूटान के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत भारत अपने इस पड़ोसी मुल्क की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे में उसका दखल देना लाजमी हो जाता है.




वहीं चीन का कहना है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है और भारतीय सेना के दखल को ‘अतिक्रमण’ करार दिया है. चीन तब से ही युद्धउन्मादी बयान देते हुए भारत से अपने सैनिक हटाने को कह रहा है.

दरअसल चीन जिस जगह के पास सड़क बना रहा है, वह भारत का ‘चिकन नेक’ कहलाने वाले हिस्से के बेहद करीब स्थित है. उत्तर पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाला यह इलाका महज 20 किलोमीटर चौड़ा है और सामरिक रूप से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में इस जगह के आसपास चीनी गतिविधि भारत की सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है.

जापानी राजदूत केनजी हिरामत्सु ने डोकलाम पर जापान का रुख स्पष्ट करते हुए भारत का समर्थन किया है. हिरामत्सु को भूटान का भी राजदूत माना जाता है. उन्होंने अगस्त के पहले हफ्ते में भूटानी प्रधानमंत्री से भी मिलकर जापानी समर्थन का भरोसा दिया है.

मोदी सरकार का चीनी मोबाइल कंपनियां को नोटिस , भारत में हो सकते है ओप्पो वीवो बंद

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मोदी सरकार ने स्मार्टफोन बनाने वाली चाइनीज कंपनियों ओप्पो, वीवो, शियोमी और जियोनी समेत 21 कंपनियों को नोटिस जारी किया है। सरकार को डर है कि कहीं मोबाइल कंपनियां लोगों का डेटा चुराकर किसी तीसरे देश को न बेच रही हों।




सरकार को शक है कि ये कंपनियां अपने स्मार्टफोन्स के जरिए भारत के ग्राहकों की पर्सनल जानकारियां चुरा रही हैं। सरकार ने कुल 21 मोबाइल निर्माता कम्पनियों को नोटिस भेजा है। इसकी मुख्य वजह मोबाइल निर्माता कम्पनियों के स्तर पर यूजर्स की जानकारी चोरी होने का खतरा है। सरकार ने जिन कम्पनियों को नोटिस भेजा है कि उनमें चीन की मोबाइल निर्माता कम्पनी वीवो, ओप्पो, शाओमी और जियोनी शामिल हैं।




चाइनीज कम्पनियों के अलावा और भी कई कंपनियां
सरकार का यह मानना है कि यूजर्स की निजी जानकारी को मोबाइल निर्माता कम्पनियां कॉन्टैक्ट लिस्ट और मैसेज के जरिए चुरा रही हैं। इलैक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जिन 21 मोबाइल निर्माता कम्पनियों को नोटिस भेजा गया है उनमें चाइनीज कम्पनियों के अलावा एप्पल, सैमसंग और माइक्रोमैक्स जैसी कम्पनियां भी शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बातचीत के दौरान यह जानकारी दी कि कम्पनियों को सभी सुरक्षा संबंधी शर्तों का अनुपालन करने के लिए 28 अगस्त तक का समय दिया गया है।
इसके बाद सुरक्षा संबंधी नियमों का अनुपालन हुआ या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से ऑडिट किया जा सकता है। अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि अगर इस ऑडिट में कम्पनियां नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं तो उन पर पैनल्टी लगाई जाएगी। इससे पहले सरकार ने डाटा लीक और सुरक्षा संबंधी चिताओं के मद्देनजर चीन से भारी मात्रा में आयात होने वाले इलैक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों की समीक्षा शुरू की। सरकार द्वारा ये सभी कदम ऐसे समय में उठाए जा रहे हैं जब भारत और चीन के बीच डोकलाम मुद्दे पर सीमा विवाद चल रहा है।