सीमा पर दिखा जवानों उत्साह, सेना की इन फोटो को देख दिल खुस हो जायेगा

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देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों ने बॉर्डर पर पर दीवाली मनाई। जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में बॉर्डर पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक दीप जलाए। इस दौरान जवानों ने खुशियां मनाते हुए डांस भी किया। सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर उल्लंघन किया जा रहा है लेकिन इससे दिवाली मनाने के भारतीय जवानों के जज्बे पर कोई असर नहीं पड़ा।

जवानों ने जलते हुए दीपों को रखकर ‘हैप्पी दिवाली’ लिखा और देशवासियों को यह संदेश दिया कि वे उनकी सुरक्षा के लिए यहां तैनात हैं। एक जवान ने कहा, ‘देश के लोगों को दिवाली पूरे उत्साह के साथ मनानी चाहिए। हम यहां तैनात हैं और दुश्मन को जवाब देने के लिए तैयार हैं।’

आपको बता दें कि पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैन्य चौकियों को लगातार निशाना बनाया जा है। बुधवार को पाकिस्तानी सेना ने राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर व पुंछ जिले के बालाकोट व हमीरपुर सेक्टर में गोलाबारी की जिसमें आठ लोग घायल हो गए थे। ़

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी दीपावली के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी हैं। पीएम मोदी ने ट्वीटर के जरिए लिखा- ‘दीपावली के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।’

जो देश अपने इतिहास और विरासत पर गर्व नहीं करता, वह आगे नहीं बढ़ सकता : PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को पहला ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद समर्पित किया। उन्होंने कहा कि धन्वंतरि जंयती के मौके पर वो आयुर्वेद इंस्टीट्यूट को देश को समर्पित करते हैं। इस अवसर पर पीएम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कि कोई भी देश तब तक विकास नहीं कर सकता है, जब तक वो अपने इतिहास और विरासत पर गर्व करना नहीं करता है। उन्होंने कहा कि देश को जड़ों की ओर ले जाते हुए आज के दिन को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने और इस संस्थान की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय को बधाई देते हैं।

उन्होंने कहा कि हमें उन क्षेत्रों के बारे में भी सोचना होगा जहां आयुर्वेद अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है. इसमें खेल एक प्रमुख क्षेत्र है, जहां बड़े बड़े खिलाड़ी अपने लिये फिजियोथेरापिस्ट रखते हैं और कई बार उन दवाओं के कारण परेशान भी होते हैं. आयुर्वेदथेरापी खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. सेना के जवानों के स्वास्थ्य और मानसिक एकाग्रता एवं तनावमुक्त बनाने के क्षेत्र में भी आयुर्वेद की अहम भूमिका हो सकती है.

पीएम मोदी ने कहा, आयुर्वेद विशेषज्ञों को ऐसी दवाएं खोजने की जरूरत है, जो मरीजों को तत्काल राहत प्रदान करने के साथ दवाओं के दुष्प्रभावों को दूर रखें. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें आयुर्वेद शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है. आयुर्वेद के कोर्स पर फिर से ध्यान देने की जरूरत है. हम इस बात पर भी विचार करें कि बीएएमएस के पांच साल के कोर्स में ही वर्ष क्या हम छात्रों को कोई डिग्री प्रदान कर सकते हैं?

पीएम मोदी ने कहा कि मैं धन्वंतरि जंयती को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने और इस संस्थान की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय को भी साधुवाद देता हूं. उन्होंने कहा कि आज जब हम सभी आयुर्वेद दिवस पर एकत्रित हुए हैं, या जब 21 जून को लाखों की संख्या में बाहर निकलकर योग दिवस मनाते हैं, तो अपनी विरासत के इसी गर्व से भरे होते हैं. जब अलग-अलग देशों में उस दिन लाखों लोग योग करते हैं, तो लगता है कि लाखों लोगों को जोड़ने वाला ये योग भारत ने दिया है.

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद सिर्फ एक चिकित्सा पद्धति नहीं है. इसके दायरे में सामाजिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण स्वास्थ्य जैसे अनेक विषय भी आते हैं. इसी आवश्यकता को समझते हुए ये सरकार आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष पद्धतियों के सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ समन्वय पर जोर दे रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर्बल दवाइयों का आज विश्व में एक बड़ा मार्केट तैयार हो रहा है. भारत को इसमें भी अपनी पूर्ण क्षमताओं का इस्तेमाल करना होगा. हर्बल और औषधीय पौधे कमाई का बहुत बड़ा माध्यम बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को स्वीकृति दी है. स्वास्थ्य सेवा में एफडीआई का फायदा आयुर्वेद और योग को कैसे मिले, इस बारे में भी प्रयास किए जाने चाहिए. सभी तरह की स्वास्थ्य प्रणाली को आगे बढ़ाने के पीछे सरकार का ध्येय है कि गरीबों को सस्ते से सस्ता इलाज उपलब्ध हो. इस वजह से स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारा जोर दो प्रमुख चीजों पर लगातार रहा है – पहला रोकथाम संबंधी स्वास्थ्य सेवा और दूसरा ये कि स्वास्थ्य क्षेत्र में वहनीयता और पहुंच बढ़े.

पीएम मोदी ने कहा कि रोकथाम की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा का एक और सस्ता और स्वस्थ तरीका है- स्वच्छता. स्वच्छता को इस सरकार ने जनआंदोलन की तरह घर-घर तक पहुंचाया है. सरकार ने तीन वर्षों में 5 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण करवाया है.

उन्होंने कहा कि अभी आपने कुछ दिनों पहले आई यूनीसेफ की रिपोर्ट भी पढ़ी होगी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जो परिवार गांव में एक शौचालय बनवाता है, उसके प्रतिवर्ष 50 हजार रुपये तक बचते हैं. वरना यही पैसे उसके बीमारियों के इलाज में खर्च हो जाते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि रोकथाम की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार स्वास्थ्य सेवा में वहनीयता और पहुंच बढ़ाने के लिए शुरू से ही समग्र पहल लेकर चल रही है. मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पीजी मेडिकल सीट में वृद्धि की गई है.

पीएम मोदी ने कहा कि बेहतर इलाज और स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के लिए में नए एम्स भी खोले जा रहे हैं. स्टेंट के दाम में भी भारी कटौती, घुटने का प्रतिरोपण की कीमतों को नियंत्रित करने जैसे फैसले भी लिए गए हैं. जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से भी गरीबों को सस्ती दवाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं.

अपनी बेटी सारा तेंदुलकर को लेकर सोशल मीडिया में भड़के सचिन तेंदुलकर

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मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर इन दिनों कुछ नाराज हैं। दरअसल वो अपनी बेटी सारा तेंदुलकर के नाम से बने फेक ट्विटर अकाउंट को लेकर काफी गुस्से में हैं। सारा के अलावा अर्जुन तेंदुलकर का भी फेक अकाउंट है।

सचिन ने बैक टू बैक किए ट्वीट्स में लिखा कि अर्जुन और सारा ट्विटर पर हैं ही नहीं और इस मामले में माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को कुछ करना चाहिए। सचिन ने खुद इस बात की जानकारी देते हुए ट्विटर से अर्जुन और सारा से जुड़े हुए सभी फर्जी अकाउंट को हटाने की अपील की है। सचिन ने लिखा, ‘मैं लगातार इस बात को दोहराता रहता हूं कि मेरे बच्चे (सारा और अर्जुन) ट्विटर पर नहीं हैं। मैं ट्विटर से अपील करता हूं कि वो इस तरह के सारे अकाउंट को जल्द से जल्द डिलीट करें।

योगी सरकार ने मदरसों को लेकर किया बड़ा ऐलान ,कई लोगो को लग सकता है सदमा

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उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य के 2682 मदरसों की मान्यता रद्द कर सकती है. ये वो मदरसे हैं जिन्होंने अभी तक मदरसा पोर्टल पर अपनी डिटेल्स नहीं दी है. यूपी सरकार ने बार-बार इसकी समयसीमा बढ़ाई थी लेकिन इन मदरसों ने अभी तक डिटेल्स नहीं दी हैं.

गौरतलब है कि यूपी सरकार द्वारा अगस्त में मदरसों के लिए पोर्टल बनाया गया था, जिसमें सभी मदरसों के लिए डिटेल्स देना जरूरी किया गया था.

अभी तक यूपी सरकार ने दो बार डिटेल्स देने की तारीख को बढ़ाया था. लेकिन करीब 19,000 मदरसों में से इन 2682 ने डिटेल्स नहीं दी है. सरकार अब तारीख को आगे नहीं बढ़ाएगी, जिसके कारण ऐसा कहा जा रहा है कि मदरसों की मान्यता रद्द हो सकती है.

दरअसल शिक्षा परिषद ने मदरसों में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए वेब पोर्टल की शुरुआत की थी। इस वेबसाइट पर सभी 19143 मदरसों को अपना विवरण अपलोड करना था। इसमें शिक्षक, अन्य स्टाफ, छात्रों के विवरण के अलावा भवन की फोटो, कक्षा का माप और दूसरी जानकारियां भी शामिल थीं।

मदरसा बोर्ड ने विवरण अपलोड करने की तिथि को दो बार बढ़ाया। पहले इसकी अंतिम तिथि 15 सितम्बर थी, जिसे बढ़ाकर 30 सितम्बर किया गया और फिर 15 अक्टूबर। इसके बावजूद 16,461 मदरसों ने ही अपना विवरण साइट पर अपलोड किया।
मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने बताया कि जिन मदरसों ने पोर्टल पर अपना विवरण अपलोड कर दिया है, उनकी मान्यता बरकरार रहेगी। बाकी बचे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अंतिम तिथि तक कुल 32,483 शिक्षकों का डाटा आधार लिंक के साथ अपलोड हो चुका है।

46 साल बाद धनतेरस पर बन रहा है ऐसा शुभ योग, खरीदे ये चीज़े होगा लाभ ही लाभ

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धनतेरस का दिन यूं तो पूरे दिन खरीदारी के लिए शुभ है, मगर शाम 7:22 बजे से रात 9:18 मिनट तक खरीदारी का सबसे अच्छा मुहूर्त है। आचार्य विनोद झा वैदिक ने बताया कि इस दौरान धूम्र योग एवं पूर्वा फाल्गुन नक्षत्र का शुभ संयोग है। पंडित दीपक ओझा ने बताया कि शाम के बाद वृष लग्न है, जो खरीदारी के लिए शुभ है।

पंडित बुद्धन ओझा ने कहा कि मंगलवार के दिन सूर्यास्त होने से दो घंटे पूर्व प्रदोष व्यापिनी होने से त्रियोदशी तिथि लग रही है। इसमें भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। दोपहर 2:46 बजे से शाम 4:17 बजे तक कुंभ लग्न में खरीदारी शुभ है।

आचार्य विनोद झा ने कहा कि कार्तिक त्रयोदशी को प्रादुर्भाव होने पर धनतेरस मनाई जाती है। धनतेरस से 11 दिन बाद भगवान नारायण एकादशी के दिन निद्रा से जागते हैं। मान्यता है कि इस दिन कोई भी धातु के समान खरीदने से उसमें तेरह गुणा की वृद्धि होती है।

किस वक्त क्या करें खरीदारी और कब है शुभ मुहूर्त?

– काल- सुबह 7.33 बजे तक दवा और खाद्यान्न.

– शुभ-सुबह 9.13 बजे तक वाहन, मशीन, कपड़ा, शेयर और घरेलू सामान.

– चर-14.12 बजे तक गाड़ी, गतिमान वस्तु और गैजेट.

– लाभ-15.51 बजे तक लाभ कमाने वाली मशीन, औजार, कंप्यूटर और शेयर.

– अमृत-17.31 बजे तक

जेवर, बर्तन, खिलौना, कपड़ा और स्टेशनरी.

– काल-19.11 बजे के बाद तक घरेलू सामान, खाद्यान्न और दवा.

कलश लेकर प्रकट हुए थे धन्वंतरि, इसी कारण खरीदे जाते हैं बर्तन

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वंतरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है. धन्वन्तरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था. पं श्रीपति त्रिपाठी कहते हैं कि हिंदू धर्म में पूजा अर्चना के नियमों को कठोरता पूर्वक पालन करने की बाध्यता नहीं है.

भगवान धन्वंतरि चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परंपरा है. कहीं-कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है. यह तेरह या तेरस से जुड़ा है. धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है. इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है.

धन्वंतरि से की जाती है सेहत की कामना

भगवान धन्वन्तरि जो चिकित्सा के देवता भी हैं, उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना की जाती है. जिस प्रकार देवी लक्ष्मी सागर मंथन से उत्पन्न हुई थीं, उसी प्रकार भगवान धन्वन्तरि भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे. इस अवसर पर धनिया के बीज खरीद कर भी लोग घर में रखते हैं.

धनतेरस की पूर्व संध्या पर ही बाजार में उमड़ी भीड़

पटना : शाम के छह बजे हैं. धनतेरस की पूर्व संध्या पर प्रदेश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बाकरगंज जाने के सभी रास्ते पूरी तरह जाम हैं. पैदल वाले तो फिर भी कुछ ठिठक कर आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन वाहन सवार को कदम-कदम पर ठहरने की लाचारी है.

मौका एक दिन पहले धनतेरस के लिए पसंदीदा सामान की बुकिंग कराने का है, प्रदेश के दूर-दराज वाले हिस्से में दीपावली का सामान ले जाने का और घरों की बची-खुची साज-सज्जा को पूरा करने का है. शाम पांच बजे के पहले से ही यह भीड़ राजधानी के फ्रेजर रोड, एक्जीबिशन रोड, न्यू डाकबंगला रोड के साथ ही जंक्शन के पास स्थित चांदनी मार्केट में भी है.

फ्रेजर और डाकबंगला रोड में इलेक्ट्रॉनिक आयटम की सभी प्रसिद्ध दुकानें हैं, जहां लोग अपनी खरीदारी आज ही सुनिश्चित कर रहे हैं. प्रसिद्ध दुकान संगीता में फ्रिज की बुकिंग करा रहे केशरीनगर के अमित कुमार ने बताया कि पंडित जी ने कहा था कि सुबह में दस बजे के पहले इलेक्ट्रॉनिक आयटम खरीद लेने का सही वक्त है.

इसके मद्देनजर हम आज ही बुकिंग करा ले रहे हैं ताकि कल सुबह उठने का झंझट खत्म हो जाये और सही वक्त पर डिलिवरी हो जाये. न्यू डाकबंगला की फेमस दुकान आदित्य विजन में नये टीवी सेट पर ग्राहकों का रुझान ज्यादा है. ओएलइडी टीवी का नया वर्जन पसंद कर रहे एजी कॉलोनी के सुस्मित कुमार ने बताया कि धनतेरस के धक्के से बचने के लिए आज बुकिंग करा रहे हैं.

सड़क पर सजीं दुकानें, पांच मिनट की दूरी 15 मिनट में

धनतेरस के कारण दुकान अंदर से निकल कर सड़क पर आ गयी है. डाकबंगला चौराहे से चांदनी मार्केट पहुंचने में पंद्रह मिनट का वक्त लगा़. चांदनी मार्केट के जीत इलेक्ट्रॉनिक्स में भीड़ खचाखच भरी हुई है.

कोई इलेक्ट्रॉनिक दीया की कीमत तो कोई लड़ियों का होलसेल रेट जानने में जुटा है. संचालक सरदार जीत सिंह ने बताया कि इस बार भी हमने चाइनीज लाइट नहीं मंगवायी है. दिल्ली से लाइट की नयी रेंज आयी है, जो खूब पसंद की जा रही है. सौ रुपये से शुरू ये लाइटें खासे पसंद किये जा रहे हैं.

मौर्या लोक और बेली रोड बना सजावटी सामान का बड़ा ठिकाना

इस बीच मौर्य लोक और बेली रोड सजावटी सामान खरीदने का बड़ा ठिकाना बना हुआ था. बेली रोड पर विमेंस कॉलेज के बाउंड्री की शुरुआत से लेकर नये नियोजन भवन तक सजावटी सामान का बाजार ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं.

यहां मोल-तोल के कारण भी ग्राहकों को संतुष्टि मिल रही है. यही कारण है कि यहां भीड़ अधिक थी, जो राजधानी की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था को ध्वस्त कर रही थी. बोरिंग रोड में हाईकोर्ट से लेकर बोरिंग रोड चौराहे तक लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के साथ धनतेरस-दीवाली की पूजा सामग्रियों को खरीदने के लिए ग्राहक कतारबद्ध थे.

खरीदारी को आये लोग, हर तरफ लगा जाम

सोमवार को धनतेरस से एक दिन पहले खरीदारी के लिए इतने लोग सड़कों पर निकल पड़े कि हर ओर जाम लगने लगा. फुटपाथ और सड़क पर दुकान लग जाने के कारण कई जगह सड़कें संकरी हो गई थी और वहां से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया. पटना वीमेंस कॉलेज गेट के पास से लेकर इनकम टैक्स गोलंबर के पास स्थित पेट्रोल पंप तक फुटपाथ पर एक लाइन में 25-30 दुकानें सजी थीं और उन पर सैंकड़ों ग्राहक खरीदारी कर रहे थे.

सामने की अाधी सड़क वहां आने वाले लोगों के वाहनों से पटा था और जगह कम पड़ जाने के कारण वाहनों को गुजरने में परेशानी हो रही थी. उनकी लंबी कतार लग गई थी और रूक रूक कर वाहन गुजर रहे थे. आयकर गोलंबर पर बेली रोड, वीरचंद पटेल पथ और डाकबंगला चौराहा तीनों तरफ से भारी संख्या में वाहनों के आने के कारण गोलंबर पार करने मेंं परेशानी हो रही थी और बार बार जाम लग रहा था. वोल्टास गोलंबर के आसपास फुटपाथ और पार्किंग एरिया में भी समान बेचे जा रहे थे.

खरीदारी के लिए आनेवाले ग्राहक अपने वाहन सड़क किनारे लगा रहे थे, जिससे जाम लग रही थी. एग्जीबिशन रोड में भी कई जगह ऐसी ही स्थिति दिखी. नवनिर्मित फ्लाइओवर के नीचे बनी पार्किंग एरिया में एक लाइन से बेचने के लिए लाये गये टू व्हीलर और फोर व्हीलर लगा दिये गये थे, जिससे लोगों को गाड़ी लगाने के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी . डाकबंग्ला चौराहा, चिड़ैयाटाड़ फ्लाइओवर, राजेंद्र नगर फ्लाइओवर, स्टेशन गोलंबर, स्टेशन रोड, जीपीओ गोलंबर और अशोक राजपथ में भी ऐसी ही भीड़ भाड़ और जाम दिखी. गाड़ियां रेंगती रहीं और ट्रैफिक पुलिस वाले पसीना बहाते रहे.

डीएम ने 30 दुकानदारों को दिया लाइसेंस, परखुलीं सैकड़ों दुकानें

पटना : राजधानी के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पटाखा की दुकानें नहीं खुलेंगी, जो मानक को पूरा नहीं करते हैं, उनके आवेदन को रद्द कर दिया जाये और बिना लाइसेंस की दुकानें खुल रही हैं, तो इसकी पूरी जवाबदेही एसडीओ की होगी. ऐसा निर्देश डीएम एसके अग्रवाल ने दिया था. लेकिन, सोमवार तक 30 लाइसेंस निर्गत होने के बाद अगर देखें, तो राजधानी के विभिन्न इलाकों में सैकड़ों दुकानें खुल गयी हैं, जो बेहद भीड़-भाड़ वाले हैं. डीएम ने कहा कि बिना लाइसेंस के पटाखा की दुकानें खोलना पूरी तरह से नियम का उल्लंघन है. सभी एसडीओ इसके लिए जिम्मेवार होंगे.

इस कॉमेडियन ने कहा- मां कार चला रही थी, पीछे से एक हाथ मेरी स्कर्ट में था

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दिन प्रतिदिन महिलाओं के साथ यौन शोषण की घटनाए बढ़ती ही जा रही है. महिलाओ पर हो रहे अत्याचार को देखते हुए हॉलीवुड एक्‍ट्रेस एलिसा मिलानो के#MeToo अभियान के अंतर्गत विश्वभर की महिलाएं यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा कर रही हैं.
इसी अभियान के तहत प्रसिद्ध कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने भी बचपन में अपने साथ हुई यौन शोषण की एक घटना का खुलासा किया. हॉलीवुड की मशहूर एक्‍ट्रेस एलिसा मिलानो ने अपने साथ हुए यौन शोषण का चौकाने वाला खुलासा करते हुए महिलाओं से आह्वान किया है कि वह भी अपने साथ हुई इस तरह की घटनाओं का खुलासा करे.

मैं उस समय 7 साल की थी. मेरी बहन 11 साल की थी. उसके हाथ मेरे स्कर्ट के अंदर सभी जगह गए और मेरी बहन की पीठ पर भी गए. मेरे पापा जो दूसरी कार में थे, उन्होनें उसी रात उसके जबड़े को तोड़ दिया था.

Me too.

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दरअसल हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वीनस्टीन पर यौन शोषण के लगे आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर Me Too कैंपेन चल रहा है, जिसमें यौन उत्पीड़न का शिकार हुए लोग Me Too लिखकर अपना अनुभव शेयर कर रहे हैं.

उबर कैब में भी हो चुकी है बदतमीजी:

इसके पहले मल्लिका ने उबर कैब में अपने साथ हुई बदतमीजी के बारे में भी सोशल मीडिया पर बताया था. दरअसल उन्होंने ड्राइवर को एसी बढ़ाने के लिए कहा था, उसके बाद ड्राइवर गुस्सा हो गया और उसने मल्लिका को बीच रास्ते में ही उतार दिया.

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था- जब मैंने एसी बढ़ाने कहा तो उसने गाड़ी रोक कर कहा उतर गाड़ी से. नहीं बढ़ाऊंगा एसी. उबर तुम लोगों को ऐड में कुछ भी दिखाता है कि अपना गाड़ी समझो. ऐसा कुछ नहीं है. तब मैं उस पर चिल्लाई और कहा कि मैं तुम्हारे खिलाफ एक्शन लूंगी. इसके बाद वो मुझे गालियां देने लगा था. मैं इस शहर में गाड़ी और ड्राइवर का खर्च उठा सकती हूं, लेकिन उनलोगों का क्या जिनके पास ये ऑप्शन नहीं है? क्या उन्हें हमेशा कैब ऑर्डन कर के रिस्क लेना होगा?

स्पेशल समुदाय के 100 लोगों ने महिला को बुरी तरह पीटा ,क्या मीडिया इसे प्राइम टाइम डिबेट का मुद्दा बनाएगी ?

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बेंगलुरु की एक महिला को अवैध बूचड़खाने की पुलिस से शिकायत करना काफी मंहगा पड़ गया है। महिला पर भीड़ ने हमला कर दिया और उसकी पिटाई के साथ साथ उसकी कार को चकनाचूर कर दिया गया। नंदिनी नाम की ये महिला अपने दोस्तों संग कहीं जा रही थी। महिला ने देखा कि कुछ लोग एक गाय को एक मैदान में ले गए और वहां गाय को बेदर्दी से मार डाला। नंदिनी ने मीडिया को बताया कि इसकी शिकायत करने वो थलगट्टापुरा के पुलिस थाने पहुंचीं और मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस मौके पर जाने लगी तो महिला ने पुलिसवालों से कहा कि हमें भी वहां ले चलें ताकि मैं वो जगह दिखा सकूं जहाँ गाय का क़त्ल हुआ था।

इसके बाद नंदिनी की कार में दो पुलिसवाले बैठ गए और जब घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। नंदिनी के मुताबिक़ पहले तो उन्हें लगा कि वह लोग पुलिस की गाड़ी को देखकर वहां इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब हम अंदर पहुंचे तो वहां एक भी पुलिस वाला नहीं था। भीड़ पागलों की तरह उनपर टूट पड़ी, लोग उनकी कार पर पत्थर मारने लगे। पीड़िता के साथ जो दो पुलिसकर्मी गए तो उन्होंने कुछ भी नहीं किया।

वहां मौजूद लोग पाकिस्तानी नारे लगा रहे थे। नंदिनी किसी तरह वहां से बच निकली। यह सारी घटना रात 8:30 बजे के करीब की है। इस हमले में नंदिनी का दायां हाथ बूरी तरह से जख्मी हो गया। उन्होंने कहा कि जब वो दुबारा थाने गईं तो पुलिसवाले उन पर ही भड़क गए।

क्या हार्दिक पटेल दे गुजरात चुनाव में दे रहा है राहुल गांधी का साथ ? हुआ खुलासा

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गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. गुजरात की सत्ता पर दो दशक से काबिज बीजेपी के लिए इस बार राह आसान नहीं है. राज्य में बीजेपी सरकार के खिलाफ जहां एक तरह खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर है. तो दूसरी ओर आरक्षण, शराबबंदी, बेरोजगारी और दलित उत्पीड़न आंदोलन के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर और जिग्नेश मेवानी बीजेपी के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बिगाड़ते नजर आ रहे हैं.

पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के तेवर थोड़े बदले हुए लग रहे हैं. हमेशा बीजेपी को हराने की बात करने वाले हार्दिक ने पहली बार कुछ ऐसा कहा है जिसे जानकर आपको भी हैरानी होगी. उन्होंने ये बात इंडिया टीवी पर चल रहे कॉन्क्लेव ‘चुनाव मंच’ में कही.


अब तक राहुल गांधी सोच रहे थे कि हार्दिक उनका साथ देंगे और चुनाव में उनको फायदा मिलेगा लेकिन चुनाव नजदीक आते-आते हार्दिक का मिज़ाज बदलता जा रहा है. उनके द्वारा कही गई बात को जानकर राहुल भी सकते में आ गए होंगे.

दरअसल अपने लहेजे में बदलाव करते हुए हार्दिक ने ‘चुनाव मंच’ में कहा कि, ‘अब भी यदि बीजेपी हमें यह आश्वस्त करती है कि वह हमें संविधान के मुताबिक आरक्षण दे सकती है तो हम अपना आंदोलन खत्म कर देंगे.’ हार्दिक ने ये भी कहा कि उनकी उम्र अभी कम है और इसलिए वो चुनावों में नहीं कूदना चाहते.

हार्दिक को लेकर लोग कहते रहे हैं कि वो राहुल गांधी के प्रति नर्म रुख रखते हैं. हार्दिक पटेल से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, ‘राहुल गांधी मेरी मौसी के बेटे नहीं हैं कि उनके प्रति मैं नरम रहूं.’ हार्दिक की बात को सुनकर कांग्रेस के युवराज को भी जरुर झटका लगा होगा.

आपको बता दें कि कुछ साल पहले पटेल आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू हुआ था. पटेल समाज चाहता है कि उन्हें ओबीसी का स्टेट्स दिया जाए. 2015 के मई महीने में राजस्थान में गुज्जर आंदोलन हुआ था इसी से प्रेरणा लेकर पटेल समुदाय भी एक जुट हो गया और उन्होंने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी.

बाबा रामदेव को लेकर प्रणव मुखर्जी ने किया बड़ा खुलासा , और मानी गलती

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देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार (14 अक्टूबर) को इंडियन एक्सप्रेस अड्डा में साल 2011 में यूपीए-2 शासन के दौरान योग गुरु रामदेव से हवाईअड्डे पर जाकर मिलने को अपनी गलती बतायी। जून 2011 में प्रणब मुखर्जी यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। प्रणब मुखर्जी और कपिल सिब्बल दिल्ली हवाईअड्डे पर रामदेव को भूख-हड़ताल से रोकने का अनुरोध करने गये थे। एक्सप्रेस अड्डा में एक श्रोता द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ये उनका “गलत फैसला” था और उन्हें “ऐसा नहीं करना चाहिए था।” प्रणब मुखर्जी ने बताया कि अन्ना हजारे के आंदोलन की वजह से यूपीए सरकार परेशानी में थी इसलिए वो चाहते थे कि रामदेव के भूख-हड़ताल शुरू करने से पहले ही मामले को सुलझा लें।

प्रणब मुखर्जी ने कहा, “जहाँ तक मुझे याद है मैं और कपिल सिब्बल गये थे (रामदेव से मिलने)…वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री गये। राजनीतिक कारणों से मिलने गये थे। मुझे लगा कि हम पहले ही अन्ना हजारे के आंदोलन का सामना कर रहे हैं। उस आंदोलन से सरकार को दिक्कत हो रही थी, उसकी किरकिरी हो रही थी…इसलिए इसे (रामदेव की भूख हड़ताल) शुरू होने से पहले ही खत्म किया जा सकता था।” प्रणब मुखर्जी ने बताया कि उन्हें किसी अन्य नेता ने सलाह दी थी कि रामदेव से बात करके मसले को पहले ही सुलझाया जा सकता था। मुखर्जी ने कहा, “…इसलिए मैंने कुछ लोगों से संपर्क किया। मैं नाम नहीं ले रहा। मुझे एक व्यक्ति ने सलाह दी कि आपको उनसे (रामदेव) से बात करनी चाहिए, उनसे मेरी बात हुई है कि अगर आप दिल्ली पहुंचकर अपने अनुयायियों से वो मिलें अगर उससे पहले आप उनसे बात कर लें तो वो आपकी बात सुनेंगे।”

प्रणब मुखर्जी ने ये भी बताया कि वो अपने साथ कपिल सिब्बल को लेकर क्यों गये थे। मुखर्जी ने बताया, “…मैंने उस व्यक्ति से कहा कि मेरी हिन्दी अच्छी नहीं है तो मैं उनसे (रामदेव) से कैसे बात करूंगा। तब उन्होंने मुझसे कहा कि आप किसी ऐसे आदमी को साथ लेकर जाइए जो आपके लिए दुभाषिये के तौर पर काम कर सके। इसीलिए मैं कपिल सिब्बल को लेकर गया…बहरहाल, बाद में मुझे अहसास हुआ कि ये मेरा गलत फैसला था, मुझे वैसा नहीं करना चाहिए था। मैंने तब भी कहा था और आज भी ये कहने में मुझे कोई झिझक नहीं कि हमने गलती की थी।” मुखर्जी उस समय मनमोहन सिंह सरकार में वित्त मंत्री थे और कपिल सिब्बल मानव संसाधन मंत्री। रामदेव एक जून के उज्जैन से दिल्ली पुहंचे थे। उन्होंने विदेशों में पड़ा कालाधन समेत अन्य मुद्दों पर मुखर्जी और सिब्बल से बात की थी लेकिन उनकी बातचीत विफल रही थी।

आरुषि की हत्या वाली रात घर में सिर्फ हेमराज, आरुषि और तलवार दंपत्ति ही नहीं बल्कि ‘ये शख्स’ भी था मौजूद जिसने…

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आरुषि-हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरी किए गए डॉ. राजेश और नूपुर तलवार सोमवार को जेल से बाहर आ सकते हैं. जेल से रिहा होने के बाद भी तलवार दंपति अन्य कैदियों के इलाज के लिए हर 15 दिन बाद डासना जेल जाते रहेंगे. जेल प्रशासन ने ही उनसे गुजारिश की थी, वे कैदियों के दांत के इलाज के लिए आया करें.

नॉएडा को या यूँ कहिये पूरे देश को बुरी तरह से झकझोर कर रख देने वाला आरुषि हत्याकांड पर आखिरकार 9 साल बाद कोर्ट का फैसला आता है और आरुषी के माँ-बाप (जिनपर अब तक आरुषी की हत्या का आरोप था) बरी कर दिए जाते हैं. आरुषि के माँ-बाप तो यहाँ बरी हो गए लेकिन एक बार फिर सवाल यही खड़ा होता है कि अगर आरुषि-हेमराज को उसके माँ-बाप ने भी नहीं मारा तो आखिर किसने मारा? सीबीआई की अलग थ्योरी, पुलिस की अलग थ्योरी इसी सब में शायद लोग असल मुद्दे से भटक गए और 9 साल बाद भी हाथ खाली हैं, हत्यारे पहुँच से बहुत दूर या शायद बहुत पास हैं बस नज़र नहीं आ रहे.

आरुषि हत्याकांड में एक और ख़ुलासा: उस रात घर में मौजूद था पांचवा शख्स भी लेकिन सीबीआई…

अमरउजाला की खबर के अनुसार अब इस हत्याकांड में एक नया ख़ुलासा हुआ है कि उस रात घर में एक पांचवा सदस्य भी मौजूद था. जी हां ये बात हैरान कर देने वाली है, शायद इस वजह से भी क्योंकि अबतक ये केस इसी बात पर आगे चल रहा था कि क़त्ल वाली रात घर में केवल 4 लोग मौजूद थे. आरुषि, हेमराज, राजेश तलवार और नुपुर तलवार, लेकिन अब कहा जा रहा है कि 16 मई की रात तलवार के घर एक पांचवा शख्स भी मौजूद था जिसकी मौजूदगी को सीबीआई ने किसी खास वजह से नजरअंदाज किया.
कौन था ये पांचवा शख्स और सीबीआई क्यों कर रही है इसे नज़रंदाज़ ?

अमरउजाला में छपे इस लेख के मुताबिक डा. राजेश तलवार के फ्लैट में कत्ल की रात कृष्णा (राजेश तलवार का कम्पाउण्डर) भी मौजूद था, हाँ लेकिन उसकी उपस्थित को सीबीआई ने नजरअंदाज किया. जानकारी के लिए बता दें कि हाईकोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान ऐसे कई सबूत सामने आये हैं जो की बार-बार कृष्णा की उस वक़्त घर में मौजूदगी की तरफ इशारा कर रहे हैं. अबतक मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई के पास इन सवालों का इतना पुख्ता जवाब नहीं था जिससे कि उस रात घर में किसी तीसरे की मौजूदगी की संभावना से इंकार किया जाए.
यहाँ आपकी जानकारी के लिए ये भी बताना ज़रूरी है कि सीडीएफडी प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा के कमरे में उसके ताकिए पर मिले हेमराज के डीएनए नमूने की पुष्टि भी की गई. हाँ लेकिन सीबीआई ने बाद में यह कहते हुए इस बात को गलत बता दिया कि सीडीएफडी प्रयोगशाला ने बाद में पत्र लिखकर बताया है कि कृष्णा के ताकिए के नमूने वाले प्रदर्श (साक्ष्य संख्या) पर गलती से गलत नंबर पड़ गया था और शायद उसी की वजह से कृष्णा के तकिए पर हेमराज का डीएनए पाए जाने की पुष्टि हुई जबकि हेमराज का डीएनए दूसरे प्रदर्श पर पाया गया है. हाँ लेकिन सीबीआई यह साबित करने में पूरी तरह से नाकाम रही कि ऐसी गलती आखिर किस वजह से हुई है? यहाँ एक बात और गौर करने वाली है कि जब गवाह के तौर पर सीडीएफडी के वैज्ञानिकों और रजिस्ट्री के सदस्यों को बुलाया गया तो उनके बयान से भी गलत प्रदर्श पड़ने की बात साबित नहीं हो पाई.

इन सब बातो के बाद कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि ये बात संभव है कि हेमराज के कत्ल के वक्त कम्पाउण्डर कृष्णा भी मौके पर ही मौजूद था और हेमराज का खून से सना शव उठाते समय कुछ खून उसके सिर के बालों में लग गए हों जो बाद में कृष्णा के ताकिए तक पहुँच गए. यहाँ तक की छत की दीवार से मिले खून से सने हाथ के पंजे के निशान का डीएनए भी डा. राजेश तलवार, कृष्णा, राजकुमार या विजय मंडल से मेल नहीं खाया है. सबूत से भी हुई छेड़खानी. बताया जा रहा है कि कृष्णा के तकिया पर से मिले हेमराज के खून के धब्बे के साथ भी जानबूझकर छेड़खानी की गयी है.
कोर्ट ने भी ये कहा कि सीबीआई यह बात साबित करने में असफल रही है कि इस केस के सबसे ज़रूरी सबूतों से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है.