रिवीलिंग ड्रेस नहीं संभाल पाई ये एक्ट्रेस, बार-बार करती दिखीं एडजस्ट

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हाल ही में Filmfare Glamour and Style Awards का आयोजन हुआ था। इस अवॉर्ड सेरेमनी में बॉलीवुड के तमाम सितारे नजर आए। मुन्ना माइकल से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली निधि अग्रवाल भी इस समारोह में पहुंची।
निधि यहां पर Arushi Couture के डिजाइन किए गाउन में नजर आईं। वैसे तो निधि इस गाउन में काफी खूबसूरत लग रही थीं लेकिन कई बार वो इस अवॉर्ड शो में अनकंफर्टेबल भी नजर आईं।

निधि यहां पर Arushi Couture के डिजाइन किए गाउन में नजर आईं। वैसे तो निधि इस गाउन में काफी खूबसूरत लग रही थीं लेकिन कई बार वो इस अवॉर्ड शो में अनकंफर्टेबल भी नजर आईं।

अपने बोल्ड अंदाज के लिए फेमस निधि अग्रवाल बार-बार अपनी ड्रेस संभालती नज़र आईं । वैसे तो निधि हर तरह की ड्रेस में कंफर्टेबल दिखती हैं लेकिन यहां वो अपनी ड्रेस संभाल नहीं पा रही थीं।
कैमरे के सामने पोज देते समय ज्यादातर निधि का ध्यान अपनी ड्रेस पर था। इतना ही नहीं जब निधि की ड्रेस इधर-उधर होने लगी तो उनके साथ मौजूद लोग उसे ठीक करते भी दिखे।

कोलकाता फिल्‍म फेस्टिवल में ममता बनर्जी से बोले अमिताभ बच्‍चन, ‘मुझे यहां दोबारा मत बुलाइएगा क्‍योंकि…’

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क्रवार को कोलकाता में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने 23वें कोलकाता इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल 9KIFF) की शुरुआत अमिताभ बच्‍चन, शाहरुख खान, महेश भट्ट, कमल हासन और काजोल के साथ की. इस अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव में 65 देशों की 144 फिल्‍में दिखायी जाएंगी. अगले एक हफ्ते में यहां 12 अलग-अलग जगह पर यह फिल्‍में दिखायी जाएंगी, यानी कोलकाता के सिनेमाप्रेमियों के लिए इस बार क्रिस्‍मस काफी जल्‍दी आ गया है. इस मौके पर इस फेस्टिवल की शुरुआत के मौके पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘पूरी दुनिया आज बंगाल आ रही है और हमें इस बात पर बहुत गर्व है. लेकिन मैं आज ही रात को लंदन जा रही हूं क्‍योंकि मुझे बहन निवेदिता के 150 जन्‍मोत्‍सव का हिस्‍सा बनने उनके घर जाना है. इस प्रोग्राम को पहले ही आगे बढ़ाया जा चुका है क्‍योंकि इससे पहले मैं अंडर 17 वर्ल्‍डकप में व्‍यस्‍त थी.’


इस मौके पर पहुंचे अमिताभ बच्‍चन ने अपनी कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. अमिताभ ने यहां कहा कि उन्‍हें अब इस फेस्टिवल में और न बुलाया जाए. आमिताभ चौथी बार इस फिल्‍मोत्‍सव के मुख्‍य अतिथि बन रहे थे. उन्‍होंने कहा कि दरअसल अब वह अपने भाषण में उनके पास बोलने के लिए कुछ नया नहीं है. इस मौके पर अमिताभ बच्‍चन ने बंगाली सिनेमा के भारतीय सिनेमा के संगीत में दिए गए योगदान की भी बात की.

70 साल के शख्स ने की इस यंग लड़की से शादी, ये है इसकी पूरी सच्चाई

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दूल्हा बने इस बुजुर्ग शख्स और अपनी से आधी उम्र की इस दुल्हन की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। माना जा रहा है कि तकरीबन 70 साल के शख्स ने खुद से 40-45 साल छोटी लड़की से शादी की है। यूजर्स का दावा है कि ये बुजुर्ग अपोलो हॉस्पिटल के डायरेक्टर राजेश कुमार हिमतसंग्का हैं। हालांकि, सच्चाई यह नहीं है। यह तस्वीर असम राज्य से ताल्लुक रखने वाले बिजनेसमैन राजेश कुमार हिमतसंग्का की है, न कि अपोलो हॉस्पिटल के डायरेक्टर की।

– राजेश कुमार को साल 1987 में ‘हिमतसंग्का ऑटो एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। हालांकि, इन दिनों उनके बेटे और परिजन बिजनेस संभालते हैं।
– हिमतसंग्का ग्रुप का सीड्स कंपनी के अलावा हॉस्पिटैलिटी, ऑटो, मोटर वर्क्स समेत कई क्षेत्रों में बिजनेस है। उनका बिजनेस असम के अलावा पश्चिम बंगाल समेत दूसरी जगहों पर फैला हुआ है।
यूजर्स का दावा

एक फेसबुक यूजर Kuwali Das का दावा है कि वे राजेश कुमार हिमतसंग्का को अच्छी तरह से जानती हैं। उन्होंने लिखा है, ”मैं राजेश अंकल से अच्छी तरह से परिचित हूं। वे मेरे पिता के दोस्त हैं, लेकिन उन्होंने जो किया है, उसका हम समर्थन नहीं करते। आंटी के निधन के बाद से वे खुद को अकेला मान रहे थे। वे किसी उम्रदराज या विधवा महिला से भी शादी कर सकते थे, लेकिन उन्हें छोटी उम्र की लड़की से शादी नहीं करनी चाहिए थी। उन्हें कनिष्क (राजेश का बेटा) और अपने नाती-पोतों के बारे में सोचना चाहिए था। उन्होंने जिस लड़की को पत्नी बनाया है, वह उनकी बहू से भी छोटी है।”

गुजरात का ओपीनियन पोल देख दंग रह जायेंगे आप , देखिये कहा बीजेपी और कहा कांग्रेस

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हिमाचल प्रदेश का चुनाव संपन्न होने के बाद अब कांग्रेस और बीजेपी के लिए गुजरात चुनाव अहम मुद्दा है। दोनों ही पार्टी यहां की सत्ता पर काबिज होना चाहती हैं। जहां बीजेपी अपनी 22 साल पुरानी सत्ता को गवाना नहीं चाहती तो वही कांग्रेस पिछले 30 साल से गुजरात में सत्ता पाने के लिए दो चार होती दिख रहीं है। गुजरात बीजेपी का गढ़ है और वहां से उसे सत्ता से बेदखल करना कांग्रेस के लिए दूर के ढोल हो सकते है, ऊपर से लगातार आ रहे ऑपिनियन पोल के बाद कांग्रेस के लिए वहां सत्ता पाना काफी कठिन नजर आ रहा है।

दरअसल हाल ही में किए गए एक सर्वे से बीजेपी के लिए फिर से संतुष्टी की खबर सामने आ रही है। हालांकि बीजेपी का गुजरात में वोटिंग ग्राफ गिरता हुआ नजर आ रहा है, लेकिन सर्वे में सबसे ज्यादा सीटे जीतकर बीजेपी ही वहां सरकार बनाती हुई नजर आ रही है। भले ही ऑपिनियन पोल में बीजेपी की सरकार बन रही हो, लेकिन आकडे़े ये भी दिखा रहे है की पहले के मुकाबले गुजरात में बीजेपी की लोकप्रियता कम हुई है और कांग्रेस की लोकप्रियता में ऊभार आया है। इसके पीछे का कारण पटेल नेता हार्दिक पटेल को बताया गया है, क्योंकि गुजरात में सत्ता पाने के लिए पटेलों का साथ बहुत आवश्यक होता है। आकड़ों में दिखाया गया है कि हार्दिक के कारण पिछले 22 साल से बीजेपी के साथ खड़े पटेलों का एक धड़ा कांग्रेस की तरफ मूव कर सकता है।

बता दें कि एक नीजी चैनल द्वारा किए गए ऑपिनियन पोल में बीजेपी की लोकप्रियता को तो घटता हुआ दिखाया गया है, लेकिन वोटिंग प्रतिशत घटने के बाद भी बीजेपी वहां बड़े आराम से सरकार बना रही है। ऑपिनियन पोल के आकड़ों के मुताबिक बीजेपी गुजारत में 113 से 121 सीटें जीत सकती है, तो वहीं कांग्रेस को 58-64 सीटे मिलने का अनुमान हैं। हालांकि इससे पहले इसी चैनल द्वारा किए गए अगस्त के सर्वे में बीजेपी को 144-152 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए दिखाया गया था और कांग्रेस के खाते में 26-32 सीटें बताई गई थी। हाल हीं में आए इस सर्वे से ये तो तय है कि कांग्रेस गुजरता में पटेल फैक्टर को अपनी तरफ करने में कामयाब रही है। वहीं 2012 के चुनाव की बात करें तो उस दौरान बीजेपी ने 115 सीटों पर कब्जा जमाया था और कांग्रेस को 61 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। ऑपिनियन पोल के ये आकड़े सच होते हैं तो बीजेपी गुजरात में सीटों के मामले में अभी भी फायदे में है और कांग्रेस पहसे से भी ज्यादा नुकसान में ।

VIDEO: चलती कार में लड़की ने की शर्मनाक हरकत, उबर ने कर दिया ब्लैकलिस्ट

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अक्सर सुनने में आता है कि किसी कैब चालक ने अपनी महिला सवारी के साथ बदसलूकी की। लेकिन कभी-कभी कुछ खबरें ऐसी आतो हैं जो इसकी बुल्कुल विपरीत होती हैं। मतलब कि कोई महिला सवारी अपने कैब ड्राइवर के साथ गलत काम कर दे। पिछले कुछ सुमय से सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक लड़की कैब के अंदर ऐसी करतूत कर बैठती है जिससे सभी उसकी इस हरकत पर खरी-खोटी सुना रहे हैं। ये मामला अमेरिका के ब्रुकलिन का बताया जा रहा है। दरअसल, वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक कैब में पीछे की सीट पर दो लड़कियां और एक लड़का बैठा हुआ है और ड्राइवर कैब चला रहा है। कुछ ही देर में बीच में बैठी हुई लड़की कैब में रखे टिप बॉक्स में पैसे चुराती है. क्सर कैब चालक द्वारा सवारियों से दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे कैब सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहते हैं. लेकिन कभी-कभी होता है इसका एकदम उलटा, यानी कोई सवारी ऐसी हरकत कर बैठती है, जिस पर उसे शर्मिंदगी उठानी पड़ती है. आजकल सोशल मीडिया पर एक ऐसी वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें एक लड़की कैब के अंदर ऐसी करतूत कर बैठती जिससे सभी उसकी इस हरकत पर खरी-खोटी सुना रहे हैं. दरअसल, वायरल वीडियो में अमेरिका के ब्रुकलिन में एक कैब में पीछे की सीट पर दो लड़कियां और एक लड़का बैठा हुआ है और ड्राइवर कैब चला रहा है. कुछ ही देर में बीच में बैठी हुई लड़की कैब में रखे टिप बॉक्स में पैसे चुराती है और एक जगह कैब रुकने पर तीनों सवारी चुपचाप कैब से निकल कर भाग जाते हैं.

इन लड़कियों की यह शर्मनाक हरकत गाड़ी में लगे कैमरे में कैद हो गई. लड़की की उम्र करीब 18 साल बताई जा रही है. जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लड़की को पहचान लिया गया. लड़की का नाम गैब्रिएल कैनालेस बताया जा रहा है. अमेरिकन मीडिया के मुताबिक, ड्राइवर ने इस घटना की जानकारी अपनी कंपनी को दी. कैब उबर कंपनी की थी. उबर ने उस लड़की का नाम काली सूची में डाल दिया है और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है. यूट्यूब पर इस वीडियो को 9.30 लाख देख चुके हैं. हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं.

शाहरुख़ खान ने फरहा खान पर लगाया आरोप ,हुआ है मेरा शोषण

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बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने ट्विटर पर अपनी दोस्त फराह खान को ट्वीट कर लिखा कि तुमने मेरा शोषण किया है। शाहरुख खान ने फराह को ऐसा उनकी एक तस्वीर शेयर करने के बाद लिखा। दरअसल हुआ ये कि गुरुवार को फराह खान निर्देशित फिल्म ओम शांति ओम के 10 साल पूरे हुए। इस मौके पर फिल्म से जुड़े तमाम कलाकार गुरुवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर इस फिल्म से जुड़ी अपनी यादें और तस्वीरें शेयर कर रहे थे। फराह खान से लेकर दीपिका पादुकोण और शाहरुख खान से लेकर शीरीष कुंदर तक ने फिल्म से जुड़े अपने मोमेंट्स शेयर किये। फराह खान ने फिल्म से शाहरुख खान की एक शर्टलेस तस्वीर ट्वीट की। इस तस्वीर को ट्वीट करते हुए फराह ने शाहरुख को शुक्रिया करते हुए लिखा कि आपने मेरे कहने पर अपनी शर्ट खोला और इसे एक ट्रेंड के तौर पर सेट कर दिया।


आपको बता दें कि कहा जाता है कि शाहरुख खान ने ओम शांति ओम के दर्दे डिस्को गाने में अपनी शर्ट उतार कर सबसे पहले सिक्स पैक एब्स दिखाए थे। माना जाता हे कि इस गाने के बाद ही तमाम एक्टर्स में सिक्स पैक का रुझान बढ़ा। इसी बात को फराह खान अपने ट्वीट में कह रही हैं।
शाहरुख खान भी फराह के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए अपना जवाब दिया। शाहरुख ने ट्वीट किया कि जैसा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि ये सिर्फ तुम्हारे लिये मैंने किया था। शाहरुख ने ये भी लिखा कि तुम्हारे सिवा मैं किसी और के लिए अपनी शर्ट कभी ना उतारता। शाहरुख ने आगे लिखा कि जैसा कि टॉम क्रूज़ ने भी कहा था- तुमने मेरा शोषण किया है।

इंश्योरेंस कंपनी ने मांगी फ्रंट और बैक की फोटो, कार की जगह भेज दी अपनी तस्वीरें

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एलिसा की इस गलती के बाद कंपनी ने एलिसा को दोबारा मेल किया और कहा कि एलिसा आप इन तस्वीरों में काफी अच्छी दिख रही हैं लेकिन हमें आपकी कार की तस्वीरें चाहिए। वही एलिसा की ये पोस्ट 10,000 बार शेयर हुई।
अमेरिका में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक इश्योरेंस कंपनी ने एक लड़की से उसकी कार की बैक और फ्रंट की तस्वीरें भेजने के लिए कहा था। लेकिन लड़की ने अलग-अलग पोज में अपनी तस्वीरें कंपनी को भेज दीं। जब लड़की को अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह शर्म से लाल हो गई और उसने दूसरी बार की कार की बैक और फ्रंट की तस्वीरें इश्योरेंस कंपनी को भेजी। लड़की की इस गलती का सोशल मीडिया पर काफी मजाक बनाया गया।

अमेरिका के अर्कांसस में रहने वाली 25 वर्षीय इस लड़की का नाम एलिसा स्ट्रिंगफेलो है। एलिसा पेशे से एक टीचर है, जो जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाती हैं। दरअसल एक कार इश्योरेंस कंपनी को एलिसा की कार की तस्वीरें चाहिए थीं। कंपनी ने मेल के जरिए एलिसा से उनकी कार की तस्वीरें मांगी। एलिसा इस जानकारी को सही से समझ नहीं पाई और अपनी तस्वीरें कंपनी को भेज दीं। लेकिन जबतक एलिसा को अपनी गलती का एहसास होता तब तक उनकी तस्वीरें इश्योरेंस कंपनी तक पहुंच चुकी थीं।
‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक एलिसा ने इस पूरी घटना की जानकारी खुद 31 अक्टूबर को एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी। एलिसा ने लिखा जब मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वो काफी शर्मिंदा हुई थीं।

उनका कहना है कि जैसे ही में काम कर घर लौटी तो मैंने अपनी मां से अपनी कुछ तस्वीरें खींचने के लिए कहा। एलिसा साथ ही ये भी लिखती हैं कि उन्होंने इस बारे में जरूर सोचा था कि आखिर कंपनी को उनकी तस्वीरों की जरूरत क्यों पड़ गई। लेकिन कार के बारे में कोई ध्यान नहीं आया था।

प्रद्युम्न के ‘कातिल’ तक कैसे पहुंची सीबीआई, जानिए पूरा सच आरोपी छात्र की जुबानी

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प्रद्युम्न हत्याकांड में गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले एक अन्य छात्र का भी नाम सामने आया है। वह छात्र भी पकड़े गए 11वीं के छात्र की तरह सोहना का ही रहने वाला है। गुरुवार शाम सीबीआइ की एक टीम सोहना पहुंची और छात्र के घर का लोकेशन देखकर गई।

सूत्रों के अनुसार, इस दूसरे छात्र को कभी भी पकड़ा जा सकता है। यह भी संभव है कि उसके घरवालों से ही कहा जाए कि बच्चे को लेकर दिल्ली आए। बुधवार को गिरफ्तार किए गए 11वीं के छात्र को भी सीबीआइ ने पिता के साथ चार बार पूछताछ के लिए बुलाया था।

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पांचवीं बार में उसे पकड़ लिया गया। उसे बुधवार को ही सीबीआइ ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया था। तीन दिन की रिमांड अवधि गुरुवार से शुरू हो गई। उससे दो दिन और पूछताछ की जाएगी।

हिरासत में लिए गए आरोपी छात्र ने बृहस्पतिवार को पूछताछ के दौरान एक बार फिर स्वीकार किया कि कक्षा दो में पढ़ने वाले प्रद्युम्न की हत्या उसने ही की थी।


बता दें कि शक के आधार पर सीबीआइ आरोपी छात्र से कई दिनों से लगातार पूछताछ कर रही थी। बता दें कि गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या आठ सितंबर को स्कूल के ही बाथरूम में गला रेतकर कर दी गई थी।

यह भी पढ़ेंः प्रद्युम्न मर्डर में फिर नया मोड़, नए कानून के पेंच में फंस सकता है आरोपी छात्र

अशोक ने बाथरूम में दो छात्रों को देखा था

सीबीआइ स्कूल बस के कंडक्टर अशोक के उस बयान की तह तक जाने में लगी है, जिसमें उसने कहा था कि जब वह बाथरूम में गया था तो दो बच्चे कपड़े बदल रहे थे।

बताते हैं कि आरोपी छात्र ने भी एक छात्र का नाम लिया है। यही नहीं, स्कूल प्रबंधन से जुड़े कुछ अधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं। जांच टीम में शामिल एक अधिकारी ने संकेत दिए कि जल्द ही और भी लोग हिरासत में लिए जा सकते हैं।

आरोपी को स्कूल लाकर किया सीन रिक्रिएट

गुरुवार को सीबीआइ आरोपी छात्र को लेकर स्कूल पहुंची। वहां छात्र ने क्राइम सीन रिक्रिएट करने में सीबीआइ की मदद की। गेट से प्रद्युम्न के बाथरूम तक पहुंचने में कितना समय लगा, आरोपी छात्र कितनी देर पहले पहुंचा था, किस तरह से उसने प्रद्युम्न पर हमला किया, जैसे सवालों के जवाब फिर से टीम ने हासिल किए।

इससे पहले दिल्ली मुख्यालय में भी उससे पूछताछ की गई। उससे यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या करने के बाद उसने किस-किसको जानकारी दी। जिसका भी नाम सामने आएगा, उससे भी पूछताछ की जाएगी। शुक्रवार को भी फिर सीन रिक्रएट किया जाएगा।

चाकू वाले दुकान की हुई पहचान

सीबीआइ की ओर से हत्यारोपी की निशानदेही पर चाकू बरामद करने का दावा किया गया है। इसके लिए पूरी टीम छात्र को लेकर सोहना गई थी। दावा है कि छात्र ने उक्त दुकान की भी निशानदेही कर ली, जहां से चाकू खरीदा गया था।

कभी नहीं देखा होगा ,अगर कैमरे में Record न होता, तो कोई भी नही करता यकीन की ऐसा भी हो सकता है

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भूत-प्रेत के नाम से एक अनजाना भय लोगो की मन को सताता है। इसके किस्से भी सुनने को मिल जाते है और लोग बहुत रुचि व विस्मय के साथ इन्हें सुनते है और इन पर बनें सीरियल, फिल्मे देखते है व कहानियाँ पढ़ते हैं। भूत-प्रेत का काल्पनिक मनः चित्रण भी लोगों को भयभीत करता है-रात्रि के बारह बजे के बाद, अँधेरे में, रात्रि के सुनसान में भूत-प्रेत के होने के भय से लोग़ डरते हैं। क्या सचमुच भूत-प्रेत होते है ? यह प्रशन लोगों के मन में आता है ? क्योंकि इनके दर्शन दुर्लभ होते है, लेकिन ये होते है। जिस तरह से हम वायु को नहीं देख सकते, उसे महसूस कर सकते हैं, उसी तरह हम भूत को नहीं देख सकते पर कभी-कभी ये अचानक देखे भी जाते है। भूतों का अस्तित्व आज भी रह्स्य बना हुआ है। इसलिए इनके बारे में कोई भी जानकारी हमें रोमांच से भर देती है।

आखिर भूत है क्या ? यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है। परंपरागत तौर पर यही माना जाता है कि भूत उन मृतको की आत्माएँ हैं, जिनकी किसी दुर्घटना, हिंसा, आत्महत्या या किसी अन्य तरह के आघात आकस्मिक मृत्यु हुई है। मृत्यु हो जाने के कारण इनका अपने स्थुल शरीर से कोई संबंध नहीं होता। इस कारण ये भूत-प्रेत देखे नहीं जा सकते। चूँकि हमारी पहचान हमारे शरीर से होती हैं और जब शरीर ही नहिं है तो मृतक आत्मा को देख पाना और पहचान पाना मुश्किल होता हैं। भूत-प्रेतों को ऐसी नकारात्मक सत्ताएं माना गया है, जो कुछ कारणों से पृथ्वी और दूसरे लोक बीच फँसी रहती हैं। इन्हे बेचैन व चंचल माना गाया है, जो अपनी अप्रत्याशित मौत के कारण अतृप्त हैं। ये मृतक आत्माएँ कई बार छाया, भूतादि के रूप में स्थानों के पीछे लॉग जाती हैं, जिनसे जीवितावस्था में इनका संबन्ध या मोह था।

कहते हैं की जीवित रहते हुए छोड़े गए अधुरे कार्यं, सांसारिकता से बेहद जुड़ाव तथा भौतिक चीजों के प्रति तीव्र लगाव भी मृत व्यक्ती की आत्मा को धरती की तरफ खीच लाते है। यह भी कहा जाता है ऐसी आत्माएं अपनी अदृश्य मौजूदगी से लेकर पारभासी छाया, धुंधली आकर्ति या फिर जीवितावस्था में जीवित लोगों के सामने प्रकट होती हैं।

भूत-प्रेत क्या होते है ? इसे लेकर तरह-तरह की धारणाएं और सिद्धांत हैं। जैसे की विज्ञान मानता है की ऊर्जा को न तो पैदा किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता हैं। यह तो केवल एक रूप से दूसरे रुप में परिवर्त्तित होती हैं। जब तक हम जीवित होते हैं, तब तक हमारे शरीर में ऊर्जा विभिन्न रूपों मौजूद रहती हैं। हमारे विचार, भावनाएं, संवेदनाएं और यहाँ तक की हमारी आत्मा भी ऊर्जा का ही एक रुप होते है। ऊर्जा सूक्ष्म तत्व है, जिसे महसूस किया जा सकता है लेकिन देखा नहीं जा सकता। शरीर के माध्यम से इस ऊर्जा की अभिव्यक्ति मात्र होती हैं। मृत्यु के समय हमारा शारीर हो जाता हैं, लेकिन ऊर्जा नष्ट नहीं होती और यह सूक्ष्म लोक में प्रवेश कर जाती हैं। इस तरह की ऊर्जा के प्रति जंतु ज्यादा सवेंदनशील होते हैं। इस बात के कई प्रमाण मिले है क़ि पशु किसी ख़ास कमरे में जाना पसन्द नहीं करते, अनदेखी चीज़ से डरकर भागते है या हवा में किसी चीज़ को एकटक निहारते रहते हैं।

‘स्प्रिचुअल साइंस रिसर्च फाउंडेशन’ के अनुसार – व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसके भौतिक अंत हों जाता है, लेकिन सूक्ष्म शरीर (अवचेतन मन, बुद्धि, अहं, एवं आत्मा) की यात्रा आगे भी जारी रहती है। ऐसे ही सूक्ष्मशरीरों में कुछ भूत-प्रेत पृथ्वी के आस-पास ही मौजूद रहते हैं। इस तरह भूत-प्रेतों के बारे में यह कह सकते है की ए सूक्ष्मशरीरधारी है, संबंध सबसे निम्नलोक से हैऔर जो पृथ्वीलोक मे भि मौज़ूद राहते हैं। इसकी वजह यह है की भूत विभिन्न सूक्ष्मलोकों से पृथ्वी जैसे स्थूल लोक में अपनी इच्छा से यात्रा कर सकते हैं। इनका सकारात्मक लोक यानी स्वर्ग या इससे उच्चतर लोकों मे नहिं होता। ये अतृप्त इच्छाओं से भरें होते है। ऐसी आत्माएँ कमजोर मनः स्तिथि क़े जीवीत लोगों के पीछे लगकर, उनके दिमाग पर कब्ज़ा कर , उन्हें तंग कर सुख भी हासिल करती है।

एक सहज प्रश्न मन में उठता है की मरने के बाद जीवात्मा की गति क्या होती है ? वह कहाँ जाती है ? क्या सभी जीवात्माएं मरने के बाद भूत बनती है ? इस प्रश्न उत्तर है – नहीं। हिन्दू व सांख्य दर्शन के अनुसार, जीवन काल में किए गए हमारे कर्म व व्यवहारों के अनुसार यह निर्धारित होता है की शरीर कि मृत्यु होनें की बाद हमें क़्या बनना है। भूत-प्रेत बनकर निम्नलोकों में भटकना हैं या आगे कि यात्रा ज़ारी रखते हुए इससे लोको में जाना है।

हमारी मृत्यु के बाद जीवन को निर्धारित करने वाले कुछ अन्य कारक है, जैसे – जीवात्मा की मृत्यु का प्रकार कैसा हैं, यह स्वाभाविक है, शांतिपूर्ण है, उग्र है या दुर्घटना युक्त हैं। इसके अलावा मृत व्यक्ति की वंशजों द्वारा गया अंतिम संस्कार भी जीवात्मा की गति को प्रभावित करता है। जहाँ तक मृत व्यक्ति के क़ि बात है तो इस बारे में विभिन्न धर्म ग्रंथों में अनेक कारण बताए गए है, जैसे की अपूर्ण इच्छाएँ, लिप्साएँ, लोलुपताएँ, कई तरह के व्यक्तित्व विकार जैसे – क्रोध, लालच, भय, मन में ज्यादातर समय तक नकारात्मक विचार, उच्च स्तर का अहंकार, दूसरों को दुःख पहुंचाने का व्यवहार, परपीड़ा में सुख महसूस करने का भाव, आध्यात्मिक जीवन का अभाव आदि।

माना जाता है कि जो लोग अपने जीवन में आध्यात्मिक विकास करते हुए सार्थक प्रगति कार लेते है , वे कभी भूत-प्रेत नहीं बनते। आध्यात्मिक विज्ञान शोधों का तो यहाँ तक कहना है कि यदि कोई अच्छा व्यक्ति हैं, लेकिन उसने जीवन भर आध्यात्मिक साधनाओं का कोई अभ्यास नहीं किया तो उसके मरने के बाद उसके भूत बनने कि जयादा संभावना होती है ; क्योकि तब उच्च स्तर के भूतों द्वारा उस पर हमला किया जाता है और वह मृतात्मा अन्य भूतों के नियंत्रण में आ जाती है, ठीक वैसे ही, जैसे उसके ऊपर किसी का शासन हो।

भूत-प्रेत दो तरह के होते है। पहले वे, जिनकी अकाल मृत्यु हो गई है और अपनी निर्धारित आयु पूरी होने तक वे भूत-प्रेत बनकर भटकते रहते है और दूसरी तरह के भूत वे होते है, जिनके बुरे कर्मों के कारण उन्हें भूत-प्रेत बनने की सजा मिलती है। सजा भुगतने वाले भूत-प्रेतो की आयु कम से कम 1000 साल होती है। भूत-प्रेतों के अंतर्गत भी कई योनियाँ हैं, जैसे-प्रेत, पिशाच, डाकिनी, शाकिनी, ब्रह्मराक्षस आदि।

भूत-प्रेतों के बारे में तरह-तरह के किस्से-कहानियाँ सुनने जाती हैं, लेकिन उनकी वास्तविक प्रकर्ति की बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध हुई है; क्योकि जिस तरह से भूत-प्रेत खुद को अभिव्यक्त करते है , वे तरीके अप्रत्याशित औऱ दूर्लभ है। ये सामन्यतः शोर,आवाज़े, सनसनाहट, गंध, वस्तुओं की उठा-पटक आदि के रूप में सामने आते है, जो कभी- अतिश्योक्तिपूर्ण, आलंकारिक और झूठ की गुंजाइश भी लिए होते है। इस बारे में हुए सर्वेक्षण ऐवं अध्ययन बताते है लगभग हर 10 में से एक व्यक्ति के पास भूतों को महसूस करने की क्षमता है। जो लोग सप्रयास तथा सक्रीय रूप से इन्हे देखने की कोशिश करते है, उन्हें इनमे सफलता मिलने कि कम से कम सँभावना होती है। बच्चों को इसका अनुभव व्यस्कों की तूलना में ज्यादा होता है। उम्र बढ़ने के साथ व्यस्कों मे इनके विरूद्ध अवरोध की यांत्रिकता विकसित हों जाती है। इसी तरह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को इनकि मौजूदगी क्या अनुभव ज्यादा होता है।

भूत का एक अर्थ होता है-जो बीत गया। इसी तरह से भूत का संबंध भी अतीत कि गहराई से होता हैं। वही मृतात्मा भूत-प्रेत बनती है, जिसमें आसक्ति बहुत अधिक होती है ओर इसी काऱण वह अपने अतीत से जुडी होती है। भूत-प्रेत होते जरूर है, लेकिन इनसे डरने की जरूरत नहीं। ये हमारा कुछ बिगाड़ नहीं सकते; क्योंकि हम स्थूलशरीर में है और ये सूक्ष्मशरीर में। स्थूल व सूक्ष्मशरीर की सीमाएँ व मर्यादाएँ है, जिन्हें ये तोड़ नहीं सकते। फिर भी कुछ घटनाएँ ऐसी घटती है, जो इनके अस्तित्व की पहचान करातीं हैं। ऐसे में आवश्यकता मात्र जीवन के मूलभूत सिद्धान्तों को समझकर निरंतर शुभ कर्म करने की है, ताकि शरीर छूटने के उपरान्त अच्छे कर्मों का परिणाम अच्छा ही मिल सके।

बरखा दत्‍त ने नोटबंदी पर ट्वीट में कही ऐसी बात कि है पड़ी स्‍मृति ईरानी, मगर लोग हुए हैरान

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केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी और वरिष्‍ठ पत्रकार बरखा दत्‍त के बीच ट्विटर पर हुई बातचीत यूजर्स को हैरान कर गई। बरखा ने नोटबंदी को एक साल पूरा होने पर बीजेपी द्वारा बनाया गया एक वीडियो शेयर किया। इसमें एक टीवी न्‍यूज रिपोर्टर का स्‍पूफ बनाया गया था और आखिरी में स्‍टारबक्‍स से भी जोड़ दिया गया। बता दें कि कुछ महीने पहले स्‍मृति ईरानी को स्‍टारबक्‍स में कॉफी पीने पर ट्रोल किया गया था। वीडियो शेयर करते हुए बरखा ने लिखा, ‘व्‍हाट्सएप इंफो-वार्स की वायरल दुनिया में बीजेपी का ये वीडियो जरा अलनग है और एक टीवी न्‍यूज रिपोर्टर और उसके नोटबंदी के इंटरव्‍यूज पर पीपली लाइव के अंदाज में तंज कसता है। आखिरी में स्‍टारबक्‍स का चुटीला संदर्भ भी है।’ बरखा के इस ट्वीट को कोट करते हुए स्‍मृति ईरानी ने लिखा, ‘अब बरखा दत्‍त की तरफ से ये…’ ईरानी ने ‘ब्‍लश’ करने वाला इमोजी भी पोस्‍ट किया। स्‍मृति के ऐसा ट्वीट करने के बाद यूजर्स तंज कसने लगे कि ये तो ‘आठवां अजूबा’ है कि बरखा ने भाजपा की तारीफ की हो।


पीपली लाइव में महिला पत्रकार का किरदार असल जिंदगी में बरखा दत्‍त से प्रेरित बताया गया था। इस पर संदीप घोष ने पूछा कि ‘महिला पत्रकार जिसे आप जैसा लुक दिया गया था, के बिना यह पीपली लाइव जैसा कैसे हो सकता है? थोड़ा अजीब है कि पर टारगेट ग्रुप के लिए प्रभावशाली होना चाहिए।’ इस पर बरखा ने जवाब दिया, ”अरे यार। मुझे लगता है कि उनके दिमाग में इस बार कोई और था।” आगे कोई जवाब नहीं आया मगर लोगों ने ‘रवीश कुमार’ के नाम पर अंदाजा लगाना शुरू कर दिया।