गुजरात का ओपीनियन पोल देख दंग रह जायेंगे आप , देखिये कहा बीजेपी और कहा कांग्रेस

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हिमाचल प्रदेश का चुनाव संपन्न होने के बाद अब कांग्रेस और बीजेपी के लिए गुजरात चुनाव अहम मुद्दा है। दोनों ही पार्टी यहां की सत्ता पर काबिज होना चाहती हैं। जहां बीजेपी अपनी 22 साल पुरानी सत्ता को गवाना नहीं चाहती तो वही कांग्रेस पिछले 30 साल से गुजरात में सत्ता पाने के लिए दो चार होती दिख रहीं है। गुजरात बीजेपी का गढ़ है और वहां से उसे सत्ता से बेदखल करना कांग्रेस के लिए दूर के ढोल हो सकते है, ऊपर से लगातार आ रहे ऑपिनियन पोल के बाद कांग्रेस के लिए वहां सत्ता पाना काफी कठिन नजर आ रहा है।

दरअसल हाल ही में किए गए एक सर्वे से बीजेपी के लिए फिर से संतुष्टी की खबर सामने आ रही है। हालांकि बीजेपी का गुजरात में वोटिंग ग्राफ गिरता हुआ नजर आ रहा है, लेकिन सर्वे में सबसे ज्यादा सीटे जीतकर बीजेपी ही वहां सरकार बनाती हुई नजर आ रही है। भले ही ऑपिनियन पोल में बीजेपी की सरकार बन रही हो, लेकिन आकडे़े ये भी दिखा रहे है की पहले के मुकाबले गुजरात में बीजेपी की लोकप्रियता कम हुई है और कांग्रेस की लोकप्रियता में ऊभार आया है। इसके पीछे का कारण पटेल नेता हार्दिक पटेल को बताया गया है, क्योंकि गुजरात में सत्ता पाने के लिए पटेलों का साथ बहुत आवश्यक होता है। आकड़ों में दिखाया गया है कि हार्दिक के कारण पिछले 22 साल से बीजेपी के साथ खड़े पटेलों का एक धड़ा कांग्रेस की तरफ मूव कर सकता है।

बता दें कि एक नीजी चैनल द्वारा किए गए ऑपिनियन पोल में बीजेपी की लोकप्रियता को तो घटता हुआ दिखाया गया है, लेकिन वोटिंग प्रतिशत घटने के बाद भी बीजेपी वहां बड़े आराम से सरकार बना रही है। ऑपिनियन पोल के आकड़ों के मुताबिक बीजेपी गुजारत में 113 से 121 सीटें जीत सकती है, तो वहीं कांग्रेस को 58-64 सीटे मिलने का अनुमान हैं। हालांकि इससे पहले इसी चैनल द्वारा किए गए अगस्त के सर्वे में बीजेपी को 144-152 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए दिखाया गया था और कांग्रेस के खाते में 26-32 सीटें बताई गई थी। हाल हीं में आए इस सर्वे से ये तो तय है कि कांग्रेस गुजरता में पटेल फैक्टर को अपनी तरफ करने में कामयाब रही है। वहीं 2012 के चुनाव की बात करें तो उस दौरान बीजेपी ने 115 सीटों पर कब्जा जमाया था और कांग्रेस को 61 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। ऑपिनियन पोल के ये आकड़े सच होते हैं तो बीजेपी गुजरात में सीटों के मामले में अभी भी फायदे में है और कांग्रेस पहसे से भी ज्यादा नुकसान में ।

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