राजनाथ बोले- घाटी के युवाओं की मदद के लिए होगा नोडल अधिकारी, आएगा पैलेट गन का विकल्प

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बीते 48 दिनों से कश्मीर के अशांत हालात को सामान्य करने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह जम्हूरियत, इंसानियत और कश्मीरियत के तीन ताबीज लेकर श्रीनगर पहुंचे हैं. अपने दो दिवसयी दौरे के आखिरी दिन गुरुवार को उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राजनाथ ने कहा कि सरकार के साथ ही घाटी में सभी लोग अमन और सुकून चाहते हैं. हम शांति चाहते हैं.

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कश्मीर के भविष्य से ही हिंदुस्तान का भविष्य तय होगा. ऐसा पहली बार हुआ होगा, जब कश्मीर के ऐसे हालात हैं कि देश के गृह मंत्री को दो बार घाटी का दौरा करना पड़ा है. हम सभी से बातचीत के लिए तैयार हैं और सबके लिए बातचीत के रास्ते खुले हैं.

‘असमाजिक तत्वों की पहचान करें’
कश्मीर के मौजूदा हालत पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें उन असमाजिक तत्वों को खोजना है, जो कश्मीर के नौजवानों को बरगला रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि उनकी करीब 25 प्रतिनिधिमंडल के 300 लोगों से बातचीत हुई है. सभी शांति चाहते हैं. सिंह ने कहा, ‘क्या जो लोग कश्मीर के युवाओं के हाथ में पत्थर दे रहे हैं, वे उनका भविष्य बना सकते? वो भविष्य नहीं बना सकते वो उनके भविष्य को बिगाड़ रहे हैं. मैं कश्मीर के सभी लोगों से अपील करता हूं कि यहां के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न होने दें.’

पैलेट गन के विकल्प की तलाश

राजनाथ सिंह ने कहा कि जहां तक पैलेट गन का सवाल है, तो इसका विकल्प जल्द ही हमारे पास होगा. उन्होंने कहा, ‘पैलेट गन पर दो-तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी. उसके बाद इसे विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा.’ गृह मंत्री ने सुरक्षाबलों से भी संयम बरतने को कहा. उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सर्वदलीय टीम कश्‍मीर जाएगी.

’95 फीसदी चाहते हैं अमन-चैन’
कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीरी आवामा का 95 फीसदी हिस्सा शांति और इज्जत की जिंदगी बसर करना चाहता है. सरकार का फोकस उसी पर है, जबकि पांच फीसदी लोग ऐसे हैं जो अशांति पैदा कर रहे हैं.

दिल्ली लौटकर पीएम को देंगे रिपोर्ट
गृह मंत्री शाम 4 बजे दिल्ली लौटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और दो दिवसीय यात्रा की जानकारी देंगे. इससे पहले बुधवार को राजनाथ सिंह ने कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से भी मुलाकात की थी. जबकि गुरुवार को सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए राजनाथ सीएम मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मिले. जल्द ही दिल्ली से सिविल सोसायटी का एक 10 सदस्यीय दल भी कश्मीर घाटी जा सकता है, जो वहां के सिविल सोसायटी के लोगों से मिलकर शांति की अपील करेगा.

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