दुनिया की सबसे छोटी सल्तनत में रहते हैं सिर्फ 11 लोग, राजा चलाता है रेस्टोरेंट

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एक वक्त था जब हिंदुस्तान की सीमायें कन्याकुमारी से लेकर अफगानिस्तान तक थीं. आपने दुनिया के बड़े – बड़े साम्राज्यों के किस्से सुने होंगे. चंगेज़ ख़ां की बादशाहत जो चीन से लेकर हिंदुस्तान की दहलीज़ तक फैली थी. मुग़लिया सल्तनत जिसका विस्तार काबुल-कंधार से लेकर कर्नाटक तक था.




लेकिन आज हम आपको दुनिया के सबसे छोटे बादशाह और उसकी सल्तनत के बारे में बतायेंगे. इस राजा के राज्य में कुल 11 लोग रहते हैं. वो भी पार्ट टाइम. इस राज्य का राजा अपनी नाव और रेस्टोरेंट चलाते हैं. वो सामान्य तौर पर हाफ पैंट और सैंडल पहनते हैं. इस किंगडम का नाम है किंगडम ऑफ टवोलारा.

किंगडम ऑफ टवोलारा

यूरोप के इटली के सार्डीनिया प्रांत के पास भूमध्य सागर में स्थित ये एक बेहद छोटा-सा द्वीप है. ये किंगडम, इटली के बतौर एक देश अस्तित्व में आने से पहले से मौजूद है. किंगडम ऑफ़ टवोलारा, असल में टवोलारा नाम के एक छोटे से जज़ीरे पर फैला हुआ है. इसकी कुल लंबाई-चौड़ाई पांच वर्ग किलोमीटर है.

किंगडम ऑफ टवोलारा के राजा का नाम एंतोनियो बर्तलिओनी हैं. हालांकि एंतोनियो बर्तिलिओनी का रहन-सहन, खान-पान सब कुछ आम लोगों जैसा ही है. उनके मुताबिक बतौर राजा उन्हें सिर्फ मुफ्त भोजन की सुविधा ही मिलती है. लेकिन ये मुफ्त का खाना उन्हें अपने ही रेस्टोरेंट से मिलता है.

स्थापना के 180 साल –

किंगडम ऑफ़ टवोलारा इस साल अपनी स्थापना की 180वीं सालगिरह मना रहा है. आज के दौर में एक द्वीप पर बसे एक साम्राज्य की बातें मज़ाक़ लगेंगी. मगर, यहां के लोग और राजा एंतोनियो बर्तलिओनी इसे लेकर बेहद गंभीर हैं. पूछे जाने पर वो कई पुश्तों का इतिहास बताते हैं.
एंतोनियो बर्तलिओनी के मुताबिक़ उनके परदादा के परदादा, गुसेप बर्तलिओनी 1807 में दो बहनों से शादी करके इटली से भाग आए थे. उस वक़्त इटली एक देश नहीं था, बल्कि इसका सार्डीनिया सूबा एक अलग साम्राज्य के तौर पर आबाद था. यहां दो शादियां करना गुनाह था. इसीलिए गुसेप बर्तलिओनी भागकर इस द्वीप पर आकर बस गए.

कई देशों के साथ समझौते –

कई देशों के राजाओं के साथ टवोलारा के राजाओं ने समझौते भी किए. इनमें से एक इटली के संस्थापक कहे जाने वाले गुसेप गैरीबाल्डी भी थे. उस वक़्त के सार्डीनिया के राजा विटोरियो इमैनुअल द्वितीय ने तो 1903 में टवोलारा के साथ शांति समझौता भी किया था.




बकिंघम पैलेस में तस्वीर –

उन्नीसवीं सदी में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया ने दुनिया भर के राजाओं की तस्वीरें इकट्ठी करने का मिशन शुरू किया था. इस दौरान एक जहाज़ उन्होंने टवोलारा भी भेजा था ताकि यहां के शाही ख़ानदान की तस्वीर भी उतारी जा सके. उस दौर की तस्वीर बरसों तक इंग्लैंड के बकिंघम पैलेस की शान बढ़ाती रही.

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