बाबा रामदेव के एक बयान से भौकाल मचाने वाले पहले इसे पढ़ ले |

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खरी खरी

नोटबंदी , मोदी , केजरी , ममता के अलावा योगगुरु रामदेव बड़ी सुर्ख़ियो में हैं । वो लालू से क्या मिले , लोगों ने होने लालू का होने वाला समधी बता दिया , ममता के बारे में सवाल का जबाव क्या दिया तुमने उन्हे देशद्रोही बताने में कोई कसर ना छोड़ी , ।

एक ने एक पोस्ट मारी सब लग गये शेयर करने जैसे इससे बड़ा राष्ट्रहित का कोई और काम बचा ही ना हो , ग़ज़ब ही लगता जब लोग बिना सच्चाई के पोस्ट शेयर पर शेयर मारते हैं और कैप्शन ऐसे भौकाल वाले लिखेंगे जैसे कारगिल युद्ध के विजेता यही हो , पहले अपने गिरेबान पर झांको , क्या कर रहे हो तुम राष्ट्रहित में , तुम्हारे शेयर किये गये पोस्ट और उनके कैप्शन ही बहुत हैं तुम्हारे मानसिक स्तर को बताने के लिये ।




मैं रामदेव को संत , महात्मा की नज़र से बिलकुल नही देखता पर हाँ एक योगगुरु जिसने लोगों के अंदर योग का ज्ञान भरा , योग में विश्वास करना सिखाया और एक सफल व्यापारी जिसने स्वदेशी सामग्री को जन जन तक पहुँचाया , । कई लफ़्फ़ाज़ बोलते हैं ये बाबा नही व्यापारी है , अबे ढक्कन के उसने कभी कहा कि मेरे प्रवचन सुनने आओ या मैं रामकथा कर रहा हूँ । बिन मतलब का भौकाल मत फैलाया करो

रामदेव लालू से मिला । फिर तो सबने रामदेव के पिच्छे बड़े बड़े तीर रॉकेट छोड़ छोड़कर अपने लाइक , कमेंट व शेयरों में बड़ा इज़ाफ़ा पाया , बड़े दिनों बाद लाइक , कमेंट का अकाल ख़त्म हुआ , । पर लालू से मिलना कौन सा गुनाह है बे ? रामदेव व्यापारी और लालू बिहार का मुखिया को मुखिया मिला वो जब लालू बिमार था तो इसलिये । तो इसमें कौन सा देशद्रोह बे ? ममता के बारे में बोला कि वो प्रधानमंत्री बनने लायक है । बोला या नही बोला सोचे बिना दे शेयर पर शेयर । क्यों गड़करी को बोल दिया होता तो भी गाली देते बे क्या ?

अबे जिस बंदे ने तुम्हें स्वदेशी का अर्थ ना सिर्फ़ याद दिलाया बल्की नो करके भी दिखाया , योगा को जन जन तक पहुँचाया , स्कूल खोले , अस्पताल खोले , गाय बचा रहा है , कभी वैदिकता के ख़िलाफ़ नही बोला उससे तुम्हारी क्या दुश्मनी है ?

अगर मोदी भक्ति में कर रहे हो तो मत भूलो रामदेव पहला इंसान था जिसके लाखों फ़ॉलोवर थे और उसमें बिंदास कहा कि ” मैं मोदी के साथ हूँ ” तो एकाद सांसद तो बना ही होगा उतने वोटों से ।

via Rajpal Singh


ये लेखक के अपने निजी विचार है Srishtanews इसके लिए जिम्मेदार नही है ,अब्यूसिव भाषा के चयन के लिए खेद है

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