आम आदमी पार्टी ने चंदे के नाम पर छोटे बच्चो को भीख मंगवाने का काम करवाया

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बाल मजदूरी एक ऐसा कड़वा सच है। जिस से भारत नहीं पूरी दुनिया ग्रस्त है । पूरे दुनिया के अनेक देशों में यह पाया जाती है यह बात अनेक सर्वेक्षण में पायी गई है।

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कृषि में बाल मजदूरी सबसे ज्यादा देखी गयी है। कृषि के अलावा भी कारखानों,भट्टी में बाल मजदूरों के रुप में बच्चों को काम करते हुए देखा जा सकता है। जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत खतरनाक है। भारत का संविधान बच्चों को वो सभी हक़ देता है जो की एक आम नागरिक को हैं।
तो फिर क्यों वो बच्चे खेलना,पढ़ना, छोड़ कर काम करने को विवश हैं। जिन हाथों में कलम पकड़ना था, वो क्यों कुदाल पकड़े हैं। उनके आँखों में पनपते सपनो को तोड़ने का जिम्मेदार कौन है। हमें यह समझना होगा क्यूँकि बच्चे देश का भविष्य ही नहीं वर्तमान भी है।
बाल श्रम को रोकने के लिए भारत में भी अनेक तरह के कानून हैं। भारत में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से कोई भी काम नही करवा सकता । अगर कोई ऐसा पकड़ा जाता है जो 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से काम करवा रहा हो तो उसे कड़ी से कड़ी सजा के प्रवधान भी हैं। लेकिन फिर भी भारत में बाल मजदूर जयों की त्यों बनी है।

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हालांकि सरकार भरपूर प्रयास कर रही है कि बाल मजदूरी अभिशाप को जल्द से जल्द उखाड़ फेंके।
नोटबन्दी लागु होने के कुछ दिन बाद ही केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो sms डाला जिसमे वो चंदे की मांग कर रहे थे । 5 राज्यो में चुनाव सर पर थे और नोटबन्दी के चलते जो गैर कानूनी पैसा जमा हुआ था वो अब महज एक कागज की रद्दी बन के रह गए। एक महीने बीतने के बाद भी जब आम आदमी पार्टी को चंदा नही मिला तो आम आदमी पार्टी ने चंदे के नाम पर छोटे बच्चो को भीख मंगवाने का काम कर दिया जिसके सरदार अरविन्द केजरीवाल बन गए। हम आपको एक फोटो दिखा रहे हैं जिसमे आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा ने फोटो अपलोड की और उसमे लिखा की एक चार साल की बच्ची आम आदमी पार्टी के लिए चंदा मांग रही है । एक चार साल की बच्ची किसी भी पार्टी के लिए चंदा क्यों मांगेगी । यह साफ है कि वो आम आदमी पार्टी बच्चो से काम करवा कर बच्चो से भीख मंगवा कर चंदा इकठा करवा रही है। बाल श्रम को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और चुनाव आयोग को भी इसमें दखल देना चाहिए।

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